
बेनीपुर। उत्पाद मध्य निषेध एवं निबंधन विभाग के महा निबंधक ने जमीन खरीदी बिक्री से संबंधित मामले में स्थल निरीक्षण के प्रावधान को समाप्त कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, पूर्व में जमीन के क्रेता एवं विक्रेता की ओर से राजस्व चोरी को लेकर जमीन निबंधन में जमीन के किस्म का व्यापक पैमाने पर हेराफेरी की जाती थी। इसमें व्यावसायिक जमीन एवं आवासीय जमीन को धनहर एवं खेती योग्य दर्शाते हुए निबंधन करवाने का प्रयास किया करते थे। जिससे कि, सरकार की काफी राजस्व की क्षति हुआ करती थी।
इस मामले को लेकर महा निबंधक की ओर से निबंधक एवं सब निबंधक को यह विशेषाधिकार दी गई थी जो वैसे भूमि का निबंधन से पूर्व अपने की ओर से या प्रतिनियुक्त कर्मियों की ओर से स्थल निरीक्षण करवाया जाता था जिससे कि सरकारी राजस्व की चोरी रोका जाए।
लेकिन, उक्त मामले को लेकर कई तरह की विसंगतियां भी सामने आने लगी थी जहां कर्मी एवं निबंधक की ओर से निजी स्वार्थ बस निबंधन प्रक्रिया को बाधित की जाती थी और स्थल निरीक्षण के बहाने टालमटोल की जाती थी,जिससे कि निबंधन की संख्या में लगातार कमी हो रही थी और सरकार को उल्टे राजस्व की क्षति उठानी पड़ती थी।
उक्त प्रक्रिया को देखते हुए सरकार के निर्देश पर महा निबंधक बिहार पटना की ओर से स्थल निरीक्षण की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है और बिना स्थल जांच किए निबंधन कार्य संपन्न की जाएगी।
इस संबंध में पूछने पर सब रजिस्ट्रार सोहेल अख्तर ने कहा कि विभाग की ओर से भूमि निबंधन से पूर्व स्थल निरीक्षण की अनिवार्यता को समाप्त कर दी गई है। विशेष परिस्थिति में या किसी तरह की शिकायत मिलने पर निबंधन पदाधिकारी भूमिका स्थल निरीक्षण करेंगे।


