

दरभंगा एयरपोर्ट की सुरक्षा और यात्री सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार काम किए जा रहे हैं। एयरपोर्ट की बाहरी चहारदीवारी को ऊंचा कर व्यू कटर लगाने का काम पूरा कर लिया गया है। रनवे की सुरक्षा को लेकर इसके चारों तरफ की जानेवाली चेन लिक फेंसिग का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है।
मगर, इस वक्त की सबसे बड़ी खबर यह है कि दरभंगा एयरपोर्ट को नई जगह पर शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है।कहा जा रहा है कि यात्री सुविधाओं में इससे बेहतरी होगी।
जानकारी के अनुसार, दरभंगा एयरपोर्ट के नए रनवे व सिविल एनक्लेव निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रशासनिक प्रक्रिया तेज हो गई है। जिला भू-अर्जन कार्यालय द्वारा नए रनवे के लिए बासुदेवपुरस, बेला नवादा व बेला दुल्ला में 24 एकड़ जमीन के अधिग्रहण के लिए प्रारंभिक अधिसूचना प्रकाशित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
बताया गया है कि प्रारंभ में जब एयरफोर्स परिसर में दरभंगा एयरपोर्ट शुरू किया गया तब बाहरी क्षेत्र से यहां की हर गतिविधि दिख रही थी। इसको लेकर अधिकारियों की ओर से लगातार निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के बाद सूबे की सरकार की ओर से एयरपोर्ट की सुरक्षा को लेकर जारी निर्देश के आलोक में इसकी चहारदीवारी की ऊंचाई बढ़ा दी गई है।
दरभंगा एयरपोर्ट को नई जगह पर शिफ्ट करने की कवायद तेज हो गयी है। नए रनवे और सिविल एनक्लेव के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रशासनिक प्रक्रिया तेज हो गई है। फिलहाल नए रनवे के लिए जमीन चिह्नित कर प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर दी गयी है।
8 नवंबर 2020 से दरभंगा स्थित एयरफोर्स परिसर में बने एयरपोर्ट पर उड़ान जारी है। यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। विमानों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। इस बीच राज्य सरकार एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कराई है, जिसे तेज गति से पूरा करने की कवायद चल रही है।
जानकारी के अनुसार, केंद्र की उड़ान योजना के तहत क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देते हुए, बहुत कम संसाधन के बावजूद, दरभंगा हवाई अड्डे पर कोविड महामारी के बीच बड़ी संख्या में लोगों ने आवाजाही की है। पिछले साल 8 नवंबर को कम लागत वाले वाहक स्पाइसजेट द्वारा उत्तर में बिहार के सबसे बड़े शहर के लिए उड़ान संचालन शुरू किए जाने के बाद से पिछले साल 22 मई तक दरभंगा हवाई अड्डे से 2 लाख 21 हजार 414 यात्रियों ने यात्रा कर लिया था।
बताया जाता है कि, बहुत कम उड़ानों के बावजूद, दरभंगा हवाई अड्डा हाल ही में यात्रियों की संख्या के मामले में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर सहित पूर्वी क्षेत्र के अन्य हवाई अड्डों से काफी आगे रहा है।
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के क्षेत्रीय मुख्यालय की ओर से जारी पिछले एक सप्ताह (16- 22 मई) के आंकड़ों से पता चलता है कि एकल ऑपरेटर हवाई अड्डा होने के बावजूद दरभंगा हवाई अड्डे ने 56 उड़ानों और 7,468 यात्रियों को संभाला, जबकि रायपुर, 88 उड़ानों और 4,191 यात्रियों के साथ और भुवनेश्वर, 132 उड़ानों और 7,092 यात्रियों के साथ उड़ान अधिभोग के मामले में बहुत पीछे थे। इस दौरान पश्चिम बंगाल के बागडोगरा हवाईअड्डे ने 110 उड़ानें संचालित कीं और 6,080 यात्रियों को संभाला।
बिहार में गया इस दौरान 10 उड़ानों और 296 यात्रियों के साथ ढेर में सबसे नीचे रहा। राज्य की राजधानी पटना में जय प्रकाश नारायण (जेपीएन) हवाई अड्डे ने हालांकि 25,573 यात्रियों और 297 उड़ानों की सेवा की। झारखंड की राजधानी रांची में बिरसा मुंडा हवाई अड्डे ने 112 उड़ानें संचालित कीं और इस अवधि के दौरान 8,287 यात्रियों को सेवा प्रदान की।
इधर, वहीं नए सिविल एनक्लेव के लिए 54 एकड़ जमीन का अधिग्रहण बासुदेवपुर मौजा में किया जाना है। इसके लिए भी प्रारंभिक अधिसूचना प्रकाशित करने की प्रक्रिया की जा रही है। इसके लिए तैयार प्रस्ताव को आयुक्त के माध्यम से सरकार को भेजा जा रहा है। हरी झंडी मिलने के बाद इस जमीन के लिए भी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इस प्रस्ताव को जिलाधिकारी राजीव रौशन की ओर से अनुमोदित किए जाने के बाद प्रारंभिक अधिसूचना प्रकाशन के लिए पूरी रिपोर्ट सरकार के सूचना व जनसंपर्क विभाग को भेज दी गई है। इसकी बाबत पूछे जाने पर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अजय कुमार ने बताया कि प्रारंभिक अधिसूचना प्रकाशित होने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

