

देश के लिए आतंक बड़ा खतरा है। जिस तरीके आतंकी कनेक्शन आम जिंदगी से जुड़कर सामने आ रहे हैं। वह, देश और समाज के लिए एक गंभीर मुद्दा है। इसमें कानून संगत काम करने की जरूरत है। लोगों को भी हर संभव सहयोग करने की जरूरत है।
ऐसे में, पत्रकारों की भी भूमिका अहम हो जाती है। ऐसे गंभीर मामलों में कोई भी सूचना अगर पत्रकारों तक पहुंचती है तो वह उस जानकारी को तत्काल अपने संबंधित जिला के वरीय पुलिस अधिकारियों को अवगत कराएं। उनसे तालमेल बैठाकर आम लोगों तक खबरें पहुंचाएं। पत्रकार अगर कुछ भी लिखते हैं, उसका सीधा असर आम लोगों से लेकर जिले के वरीय अधिकारियों तक सीधी तह तक जाकर जुड़ती है।
कभी-कभी इससे अपराधियों और आतंकियों तक पहुंचने उसे दबोचने और उसकी जड़ को हिलाने में परेशानी का सबब भी बन सकती है। तालमेल कर खबरों को चलाना चाहिए ताकि आरोपितों को पता नहीं चल सके। हां, पकड़े जाने के बाद खबरों को जीतना परोसना हो, उसमें किसी को कोई दिक्कत नहीं है। यह बात सीवान के एसपी शैलेश कुमार सिन्हा ने देशज टाइम्स के अपराध ब्यूरो प्रमुख संजय कुमार राय से एक खास बातचीत में कही। पढ़िए बातचीत पर आधारित यह रिपोर्ट।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर कहा था कि सीवान के चार लोगों का आतंकी कनेक्शन है। इस बाबत सीवान के एसपी श्री सिन्हा को पत्र मिला था। एसपी श्री सिन्हा ने इस बाबत गुप्त रूप से संबंधित थानाध्यक्ष को गुप्त रूप से कार्रवाई करने को कहा। यही नहीं उन संदिग्धों के विरुद्ध अगर थाने में पूर्व से आपराधिक इतिहास है तो जानकारी हासिल कर एसपी कार्यालय को सूचित करने का निर्देश भी दिया था।
चारों आतंकियों का कनेक्शन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-मुस्तफा से है। ये सभी उनके लिए काम करता है। पुलिस की टीम ने चारों युवकों की तालाश में छापेमारी की तो सभी फरार पाए गए। जिन चारों थाने की पुलिस ने छापेमारी की उसमें महराजगंज, पंचरूखी, बसंतपुर और बड़हिया थाना शामिल है।
बताया कि सीवान मंडल कारा में बंद याकूब खान को दो दिन पहले न्यायालय में पेशी के बाद एनआईए की टीम अपने साथ ले गई थी। उससे पूछताछ जारी है। उम्मीद जतायी जा रही है कि पूछताछ के दौरान याकूब कोई बड़ी बातों का खुलासा कर सकती है। इसके लिए उससे पूरी हिस्ट्री ली जा रही है।
फुलवारी शरीफ टेरर प्लान के खुलासे के बाद एनआईए की टीम दरभंगा, मधुबनी, मोतिहारी, पटना समेत अन्य जिलों में छापेमारी कर रही है। पूर्व में भी संदिग्ध गतिविधियों में दर्जनों लोग एनआईए के हत्थे चढ़ चुकी है। पुलिस भी अपने तरीके से बेहतर काम कर रही है। एटीएस की टीम भी बिहार में आतंकी कनेक्शन को लेकर अपनी गति तेज कर रही है। बताया जा रहा है कि खुफिया विभाग भी अपने तरीके से साक्ष्य जुटाने के प्रयास में है ताकि गृह मंत्रालय को सही समय पर सटीक जानकारी मिल सके।


You must be logged in to post a comment.