



संजय कुमार राय, देशज टाइम्स अपराध ब्यूरो प्रमुख। समस्तीपुर जिले में पुलिस बलों की कमी हो गई है। इस कारण एसपी की परेशानी बढ़ी हुई है। समस्तीपुर के एसपी बार-बार दरभंगा के आईजी को पत्र लिखकर बलों की मांग कर रहें हैं, लेकिन आईजी की ओर से उनके अनुरोध पर संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। पढ़िए देशज टाइम्स के अपराध ब्यूरो प्रमुख Sanjay Kumar Roy (सर्वश्रेष्ठ से जुड़ें 9835241923) की यह EXCLUSIV REPORT की दूसरी कड़ी
समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक अपने पत्रांक 50 दिनांक दस जनवरी 23 को मिथिला क्षेत्र के आईजी यानि दरभंगा के आईजी ललन मोहन प्रसाद को पत्र के माध्यम से जिलावधि पूर्ण होने के आधार पर दरभंगा/मधुबनी जिला से समस्तीपुर जिला के लिये स्थानांतरित पुलिस पदाधिकारियों/कर्मियों को योगदान कराने के लिये आग्रह किया है।
उन्होंने दिये पत्र में कहा है कि मिथिला क्षेत्रादेश की ओर से समस्तीपुर जिला बल में जिन पुलिस कर्मियों/पदाधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। ऐसे पुलिस कर्मियों की ओर से अबतक समस्तीपुर जिला बल में योगदान नहीं दिया गया है।
समस्तीपुर एसपी ने आईजी से अनुरोध किया है कि दरभंगा/मधुबनी जिला बल से समस्तीपुर जिला के लिये स्थानांतरित पुलिस पदाधिकारियों/कर्मियों को योगदान कराने के लिए अपने स्तर से संबंधित को आदेशित करने की कृपा करें।
लेकिन, पंद्रह दिन बीत जाने के बाद भी आईजी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। समस्तीपुर जिला बल से जितने भी पुलिस पदाधिकारी/कर्मियों का स्थानांतरण दूसरे जिले के लिये किया गया था, उसमें सभी को विरमित कर दिया गया, इस कारण समस्तीपुर में बलों की कमी हो गई है।
समस्तीपुर एसपी ने अपने पत्र में कहा है कि 65 पुलिसकर्मियों एवं पदाधिकारियों को समस्तीपुर जिला बल में योगदान देना था, लेकिन अब तक किसी ने योगदान नहीं दिया है।
जानकारी के अनुसार, पुलिस मुख्यालय के सख्त तेवर के कारण समय अवधि पूरा कर चुके पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण एक जिला से दूसरे जिला में किया गया था। लेकिन, कई ऐसे पुलिसकर्मी हैं जिन्होंने अपनी ऊंची पैठ और अवैध लेन-देन के सहारे आईजी कार्यालय से समायोजन करा लिया है।
ऐसे में सवाल उठता है कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिन पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण आईजी की ओर से किया गया फिर कैसे इन्हें उन्हीं की ओर से कई पुलिस कर्मियों का समायोजन किया गया, यह गंभीर मामला है। और, जांच का विषय है। ऐसे में पुलिस व्यवस्था का ध्वस्त होना लाजमी है। और, अनुशासन की बात करना बेईमानी है।
यहां बता दें कि मुख्यालय के आदेश पर हुये तबादले के बीच एक बड़ा खेल आईजी कार्यालय और पुलिस कर्मियों की ओर से खेला गया है, जो समय रहते जांच करना आवश्यक है। कल के अंक में विस्तृत जानकारी और देंगे। पढ़ते रहिए देशज टाइम्स, असंभव से आगे देशज टाइम्स।


