- Advertisement -
दरभंगा | मद्यनिषेध विभाग के अवर निरीक्षक गोपाल कुमार सिंह को गंभीर कदाचार में लिप्त पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उत्पाद आयुक्त सह निबंधन महानिरीक्षक रजनीश कुमार सिंह के आदेश पर की गई है।
- Advertisement -
कदाचार के आरोप
गोपाल कुमार सिंह पर जिवछी कुमारी (पत्नी: मिन्टू कुमार) के परिवाद के आधार पर निम्नलिखित आरोप लगे:
- Advertisement -
🔥 आज की सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें
1 

बिहार में “खामोश अपराध” पर DGP Vinay Kumar का प्रहार! अब हर महिला थाने में होगी एंटी-ट्रैफिकिंग यूनिट
2 

भारतीय हॉकी टीम की पहचान बदली! नीली जर्सी हुई केसरिया, फैंस और पूर्व कप्तान भड़के | पढ़िए – जर्सी को लेकर बड़ा विवाद-
3 

बिहार पुलिस में बड़ा बदलाव! अब 4 जोन और 12 रेंज संभालेंगे कानून-व्यवस्था| अब IG संभालेंगे जोन, DIG रेंज अपराध पर लगेगी लगाम?| जानिए – दरभंगा – भागलपुर – पटना और मुजफ्फरपुर
4 

शीशो यार्ड में फुट ओवर ब्रिज गर्डर की लॉन्चिंग! अब ककरघट्टी यार्ड में 4 अगस्त की तैयारी |यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत, चेक करें ट्रेनों का नया टाइम
5 

पटना में चुनाव के दिन मचा हड़कंप! EVM खराब, फायरिंग और EOU का छापा, जानिए क्या हुआ
6 

बिहार में सावन का महीना शुरू: जानें इस साल के 4 सोमवार और शिवलिंग पर जल चढ़ाने का रहस्य!
- छापेमारी के मानदंडों का उल्लंघन।
- अभियुक्त के हाथ में शराब देकर फर्जी वीडियो बनाना।
- गलत वीडियो के आधार पर एफआईआर दर्ज करना।
- गलत साक्ष्य तैयार करना।
- छापेमारी स्थल की सही जानकारी छुपाना।
- सीसीटीवी फुटेज में शराब का प्रमाण न होने के बावजूद जब्ती दिखाना।
जांच और निलंबन
उत्पाद आयुक्त रजनीश कुमार सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए।
- Advertisement -
- जांच के दौरान गोपाल कुमार सिंह का आचरण प्रथम दृष्ट्या संदिग्ध पाया गया।
- अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत उन्हें तुरंत निलंबित कर दिया गया।
निष्कर्ष
यह घटना दरभंगा में सरकारी अधिकारियों के कर्तव्य पालन और अनुशासन में चूक की ओर संकेत करती है। प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने का संदेश दिया है।
आपकी राय में इस तरह की कार्रवाई भ्रष्टाचार पर रोक लगाने में कितनी प्रभावी हो सकती है?
- Advertisement -







