

बिरौल देशज टाइम्स डिजिटल डेस्क। पिछले तीन महीनों से वेतन को लेकर लालायित शिक्षकों का आक्रोश विभाग के प्रति दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहा (Teachers will now beg on the streets)
है।
मकान किराया, राशन, गाड़ी भाड़ा समेत परिवार के जीवन यापन पर भी जब संकट मंडराने लगा तथा कार्यालयों का चक्कर लगा लगाकर थक चुके ये शिक्षक अब सड़कों पर भिक्षाटन करने का मन बना लिए हैं।
टीईटी,एसटीइटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ गोपगुट ने इस पूरे मसले पर नवचयनित शिक्षकों का साथ देते हुए विभाग की मंशा पर प्रश्न चिह्न खड़ा किया है। संघ के जिलाध्यक्ष प्रमोद मंडल, राज्य कार्यकारिणी सदस्य सोनू मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष राशिद अनवर, प्रखंड अध्यक्ष मुकेश पोद्दार ने संयुक्त रूप से बताया कि जबतक शिक्षक आर्थिक और मानसिक रूप से सशक्त नही होंगे तबतक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करना ही बेईमानी है।
जिला शिक्षा कार्यालय को शिक्षकों के मान सम्मान से कोई लेना देना नहीं है और यह शिक्षकों को सभी तरह से प्रताड़ित करने का कार्य कर रही है। उन लोगों ने बताया कि एकओर जहां शिक्षक भुखमरी के कगार पर है वही दूसरी ओर विभागीय पदाधिकारी कानो में रुई देकर कुंभकर्णी निंद्रा में सोए हुए है इन्हें आंदोलन के माध्यम से जगाया जाएगा।
संघ विभाग से यह मांग करता है कि वह एक सप्ताह के अंदर सभी प्रकार के बाधाओं को दूर करते हुए नवचयनित शिक्षकों के वेतन समेत लंबित एरियर का भुगतान करें। वहीं, संघ के प्रखंड सचिव जगन्नाथ झा,उपाध्यक्ष मोइन अंसारी, मीडिया प्रभारी मिथिलेश चौपाल ने कहा कि शिक्षक कार्यालयों के चक्कर लगा लगाकर थक जाते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है।
अब संगठन और शिक्षक के पास एक ही विकल्प है कि जैसा जिले के पदाधिकारी समझते है वैसा ही करके दिखाया जाए। जिला स्तर के पदाधिकारी अगर शिक्षकों के वेतन एवं एरियर का समय से भुगतान नहीं करते हैं तो शिक्षक भी परिवार के लालन पोषण के लिए अब सड़कों पर भिक्षाटन कर अपने परिवार का पोषण करेने की तैयारी में है।


