back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 18, 2026
spot_img

Darbhanga की महिला शिक्षिका का मामला पहुंचा थाने, शिक्षक Suspend

spot_img
- Advertisement -

Report Prabhas Ranjan | दरभंगा। पतोर थाना क्षेत्र के श्रीदिलपुर मध्य विद्यालय की महिला शिक्षिका ने महिला थाना में शिक्षक सुनील कुमार मेहरा के खिलाफ छेड़खानी का मामला दर्ज कराया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब दो दिन पहले शिक्षक सुनील कुमार मेहरा ने एससी/एसटी थाने में महिला शिक्षिका समेत आठ लोगों पर मारपीट, जातिसूचक गाली और अन्य आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करवाई।

- Advertisement -

घटना का विवरण

  • 13 जनवरी 2025 को दोनों शिक्षकों के बीच मारपीट की घटना घटी।
  • स्थानीय थाना पतोर को घटना की जानकारी थी, लेकिन किसी पक्ष ने आवेदन नहीं दिया।
  • डायल 112 की पुलिस ने सुनील कुमार मेहरा को स्कूल से उठाकर पतोर थाना ले जाया था।
  • इसके बाद शिक्षक थाना से वापस आकर इलाज करवाकर घर चले गए।
यह भी पढ़ें:  Darbhanga News: छात्रों के Mental Health पर दिखा Jawahar Navodaya Vidyalaya में जोर, माइंड ट्रेनर डॉ. मनुकुल दे रहे सफलता के टिप्स

एक-दूसरे पर आरोप

  1. शिक्षक सुनील कुमार मेहरा ने एससी/एसटी थाने में महिला शिक्षिका और अन्य 8 लोगों के खिलाफ मारपीट व जातिसूचक गाली का मामला दर्ज कराया।
  2. महिला शिक्षिका ने अगले दिन महिला थाना में सुनील कुमार मेहरा के खिलाफ छेड़खानी का मामला दर्ज कराया।

दोनों पक्षों ने घटनास्थल (श्रीदिलपुर मध्य विद्यालय) के स्थान पर अलग-अलग थानों में मामला दर्ज कराया। यह सवाल खड़ा करता है कि संबंधित थाने पतोर थाना में मामला दर्ज क्यों नहीं हुआ।

- Advertisement -

शिक्षा विभाग की कार्रवाई

शिक्षक सुनील कुमार मेहरा को शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Darbhanga Road Accident: दरभंगा में रफ्तार का तांडव, शिक्षक को 100 मीटर तक घसीटा, मौके पर मौत

प्रभाव और सवाल

  • बच्चों पर बुरा प्रभाव: शिक्षकों के बीच इस प्रकार के विवाद का नकारात्मक असर बच्चों की शिक्षा और उनके मानसिक विकास पर पड़ सकता है।
  • पुलिस की कार्रवाई पर नजर: पुलिस को अब यह तय करना होगा कि कौन सही है और क्या कार्रवाई की जानी चाहिए।
यह भी पढ़ें:  आय से अधिक संपत्ति: दरभंगा के बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता के ठिकानों पर निगरानी का छापा

क्या होना चाहिए?

  • विवाद का समाधान स्थानीय स्तर पर होना चाहिए था।
  • बच्चों के हित को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों को व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
  • पुलिस को प्राथमिकता के आधार पर तथ्य-आधारित जांच करनी चाहिए ताकि विवाद का निपटारा हो सके।

इस विवाद से यह सवाल भी खड़ा होता है कि क्या थाने में सही प्रक्रिया का पालन हुआ है या नहीं।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

iPhone 15 पर अब तक की सबसे बड़ी छूट: जानें कैसे पाएं ₹51,999 में!

iPhone 15: प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में एप्पल ने एक बार फिर हलचल मचा दी...

Richa Chadha News: अली फजल ने ऋचा चड्ढा को दी प्यार भरी सालगिरह की बधाई, रोमांटिक पोस्ट हुआ वायरल!

Richa Chadha News: बॉलीवुड के सबसे प्यारे कपल में से एक ऋचा चड्ढा और...

POCO X8 Pro सीरीज: भारत में लॉन्च, जानें दमदार फीचर्स और कीमत!

POCO X8 Pro: भारतीय स्मार्टफोन बाजार में हमेशा से ही नए और दमदार विकल्पों...

MS Dhoni का बड़ा फैसला: क्या नंबर 7 को छोड़ देंगे ‘थाला’?

MS Dhoni: क्रिकेट की दुनिया में अगर किसी खिलाड़ी के नाम से जुड़ी हर...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें