

बिरौल देशज टाइम्स डिजिटल डेस्क। दो दिन पूर्व थाना क्षेत्र के राजबनी मे सेटरिंग मिस्त्री अरविंद शर्मा उर्फ कैलु हत्याकांड का उद्भेदन पुलिस ने कर लिया है। इसका खुलासा करते हुए एसडीपीओ बेनीपुर सह प्रभारी एसडीपीओ डॉ.कुमार सुमित ने पत्रकारों को बताया कि 28 नवंबर को अरविंद की गला काट कर हत्या कर दी गई थी।
इस सबंध में बिरौल थाना में कांड सं.427/22 तीस नवंबर को धारा 302 भादवि के तहत दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है। घटना के बाद एफएसएल एवं डॉग स्क्वायड की टीम को बुला कर सफल उदभेदन के लिए घटना स्थल से अनुसंधान प्रारंभ हुआ।
इस क्रम में मानवीय एवं तकनीकी अनुसंधान से संदिग्ध राजकुमार मुखिया को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। राजकुमार ने जुल्म कबूल करते हुए पुलिस को बताया कि अरविंद इससे चौकी बनाने के नाम पर एक हजार रूपया कुछ दिन पहले लिया तथा चौकी नहीं बना रहा था।
इसी बात को लेकर आरोपी एवं अरविंद के बीच घटना के दिन तू-त-मैं मैं हुई। एसडीपीओ ने बताया कि इसी बात से आक्रोशित होकर राजकुमार मुखिया ने सुनसान जगह पर मौका पाकर अरविंद शर्मा की चाकू से गला पर दो बार वार किया तथा उसे जख्मी अवस्था में छोड़ कर चला गया।
इससे अरविंद की मौत घटना स्थल पर ही हो गई। आरोपी राजकुमार की निशानदेही पर घटना मे उपयोग किये गए चाकू को पुलिस ने बरामद कर लिया है। प्रभारी एसडीपीओ डॉ.कुमार सुमित ने बताया कि राजकुमार मुखिया का पूर्व का अपराधिक इतिहास रहा है।
इसके विरुद्ध बिरौल थाना कांड संख्या 205/09 दिनांक 7-1-2009 धारा 302,201, 34 भादवि में आरोप पत्रित है। प्रेस वार्ता में थानाध्यक्ष एस एन सारंग, पुअनि ब्रिज बिहारी राय सहित अन्य सशस्त्र बल उपस्थित थे। पढ़िए खबर विस्तार से
बेनीपुर अनुमंडल आरक्षी पदाधिकारी सह बिरौल के प्रभारी डीएसपी डॉ. कुमार सुमित के सफल निर्देशन में बिरौल थाना के राजमणि गांव में हुई हत्याकांड का 24 घंटे के अंदर पुलिस ने उद्भेदन करते हुए हत्या के आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।
अनुमंडल आरक्षी पदाधिकारी के कार्यालय कक्ष में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए डीएसपी सुमित ने बताया कि 18 नवंबर को देर रात बिरौल थाना के राजमणि गांव में अरविंद शर्मा उर्फ कईला का गला काट कर हत्या की गई थी। जिसके संबंध में बिरौल थाना कांड संख्या 427/22 दर्ज की गई थी।
इसके अनुसंधान के क्रम में प्रभारी डीएसपी ने अपने निर्देशन में एफएसएल टीम एवं डॉग स्क्वाड के साथ घटनास्थल से अनुसंधान प्रारंभ किया और राजमणि गांव के ही वार्ड संख्या 12 के राजकुमार मुखिया पिता खरपुचन मुखिया को गिरफ्तार कर कड़ाई से पूछताछ की गई।
पूछताछ के क्रम में उन्होंने लकड़ी का चौकी बनाने को लेकर विवाद के कारण चाकू घोंपकर हत्या कर दिए जाने का बात स्वीकार किया। इससे संबंधित उनके निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू को भी बरामद कर लिया गया है और उनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है। ज्ञात हो कि हत्याकांड के अभियुक्त राजकुमार मुखिया बिरौल थाना कांड संख्या 205/ 09 के भी नामजद आरोपी हैं। इसमें उनके विरुद्ध आरोप पत्र समर्पित किया जा चुका है। उक्त मामला भी हत्या से ही संबंधित है।
डॉ. कुमार सुमित ने बताया कि उक्त हत्याकांड को सफल उद्भेदन में शामिल बिरौल थाना अध्यक्ष एसएन सारंग एवं बृज बिहारी राय को पुरस्कृत किए जाने को लेकर उच्च अधिकारी को लिखा जाएगा।


