

बिरौल अनुमंडल, देशज टाइम्स। दरभंगा के बिरौल अनुमंडल के नोडेगा गांव के जिस हरेराम पासवान ने शांति की पहल की थी, उस शांति की अपील के बदले में उसे क्या मिला, जान से मारने की धमकी, लेकिन अब बिरौल पुलिस और उसे तेज-तर्रार थानाध्यक्ष सत्यप्रकाश झा ने कड़ा कदम उठाया। पढ़िए पूरी खबर
थाना क्षेत्र के नोडेगा बलहा गांव से पुलिस ने छापेमारी कर फरार दो वारंटी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। गिरफ्तार किए गए आरोपी मो. हैदर और मो.अकबर पर एससी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज था।
जानकारी के अनुसार, पोखराम के नौडेगा के बालेश्वर पासवान के पुत्र हरेराम पासवान ने एक एफआईआर 28 जुलाई को दर्ज कराई थी। इसमें उसने कहा था कि मोहर्रम पर्व के दौरान दो गुटों के आपसी विवाद के दौरान विवाद को सुलझाने के लिए मुझे स्थानीय लोगों ने बुलाया था।
इसी दौरान मो. हैदर और मो.अकबर समेत अन्य चार लोगों ने मेरे साथ अभद्र व्यवहार किया। लाठी से प्रहार कर दिया। स्थानीय लोगों की मदद से मेरी जान बची। इसी दौरान इन सबने मुझे धमकी दी कि तुझे जान से मार देंगे। अब बिरौल पुलिस ने मामले में तेजी लाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की तहकीकात तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार, बिरौल पुलिस को इन्हीं वारंटियों की कई महीनों से तलाश थी। इसमें से एक सालों से फरार चल रहा था। पुलिस ने वारंटियों की तलाश में बीती रात नौडेगा गांव में छापेमारी की।
जानकारी के अनुसार विगत मोहर्रम पर्व में अरजकता फैलाने की कोशिश कर रहे थे। गांव के ही स्थानीय हरे राम पासवान की ओर से गांव में शांति बहाल करने को लेकर पहले किया गया था।
इसी दौरान आरोपी ने जाति सूचक शब्दों प्रयोग करते हुए जान मार की नुकसान का धमकी दी थी। इसी को लेकर प्राथमिक दर्ज कराई गई थी। थानाध्यक्ष सत्यप्रकाश झा ने बताया कि फरार चल रहे दो वारंटी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

