

कुशेश्वरस्थान, देशज टाइम्स। विगत दो दिनों से हो रहे कभी हल्की तो कभी बूंदा-बांदी बारिश से अंचल कार्यालय के जर्जर छत का प्लास्टर भर-भरा के गिर पड़ा।
झरझराहट की आवाज सुनकर कार्यालय में मौजूद कर्मी एवं अन्य लोग कमरे से बाहर भागे। जिससे सभी बाल-बाल बचे।
जानकारी के अनुसार, 80 के दशक में यह प्रखंड कार्यालय के भवन का निर्माण हुआ था। इसमें एक एक कमरा प्रमुख, बीडीओ और सीओ के कार्यालय कक्ष लिए तथा दो हॉलनुमा कमरे प्रखंड व अंचल कार्यालय के लिए है।
इसके अलावा भी तीन छोटे छोटे कमरे का निर्माण हुआ था। बीच बीच में एक दो बार इस कार्यालय भवन का मरम्मत करने के नाम पर खानापूर्ति हुई। धीरे धीरे यह भवन जर्जर होता चला गया।
इससे प्रमुख, बीडीओ तथा प्रखंड कार्यालय कक्ष मुख्यालय स्थित अन्य भवन में शिफ्ट कर लिया है। लेकिन सीओ एवं अंचल कर्मी इस जर्जर कार्यालय कक्ष में बैठक कर अपने कार्य संचालन करते हैं।
वहीं आरटीपीएस काउंटर एवं विडियो कॉन्फ्रेंसिंग इसी जर्जर भवन संचालित होता है। मंगलवार को अन्य दिनों की भांति अंचल कर्मी अपने कार्यालय कक्ष में बैठकर काम कर रहे थे। इस दौरान अलग अलग जगहों पर छत के प्लास्टर का कई टुकड़ा भर-भरा कर गिरने लगी।
झरझराहट की आवाज सुनकर कार्यालय में काम कर रहे कर्मी रमाकांत यादव, अशोक पासवान परिचारिका सुगंधा कुमारी सहित वहां मौजूद अन्य लोग जान बचाकर कमरे से बाहर भागे। जिससे सभी लोग बाल बाल बच गए।
इस संबंध में पूछे जाने पर प्रभारी सीओ सह राजस्व अधिकारी शिवम् श्रीवास्तव ने बताया कि इस जर्जर भवन में अधिकारी एवं कर्मियों को जान जोखिम में डालकर काम करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि मुख्यालय के किसी भवन में कार्यालय को शिफ्ट करने के लिए जिला से अनुमति लेनी पड़ती है। जल्द किसी भवन को चयन कर जिला से अनुमति लेकर दूसरे भवन में शिफ्ट किया जाएगा।


