

उत्तम सेन गुप्ता, बिरौल देशज टाइम्स डिजिटल डेस्क। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण दिल्ली एवं राष्ट्रीय महिला आयोग के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकार दरभंगा की ओर से महिलाओं के लिए विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन बिरौल प्रखंड स्थित सभागार में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह प्राधिकार अध्यक्ष विनोद कुमार तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला जज श्री तिवारी ने कहा कि महिलाएं बहुत सहनशील होती है। लोग इनकी शहनशीलता को इनकी कमजोरी समझते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग ईश्वर के डर से अपराध नहीं करते हैं तो कुछ समाज के भय से अपराध करने से बचते हैं परंतु कुछ ऐसे भी लोग हैं जिन्हें न तो ईश्वर का और न हीं समाज का भय होता है। ऐसे लोगों के लिए हीं कानून बनाया गया है।
जिला जज ने महिलाओं से कहा जब आपको लगे कि आपके साथ कुछ दुर्व्यवहार होने वाला है तो पहले समझदारी से उसे रोकने का प्रयास करें और जब लगे कि बातों से बात बनने वाला नहीं है तो फिर बेहिचक कानून का सहारा लें। ताकि आपराधिक प्रवृति के लोगों को मालूम हो कि महिलाएं शहनशीलता की देवी हीं नहीं काली और दुर्गा का भी रुप होती है।
अपर जिला न्यायाधीश सह प्राधिकार सचिव श्रीराम झा ने कहा कि किसी भी तरह की समस्या होने पर विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क करें। प्राधिकार महिलाओं के सहयोग के लिए हमेशा तत्पर है।
उन्होंने बताया कि घरेलू हिंसा, क्रूरता, दहेज प्रताड़ना, कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार आदि होने पर चुप नहीं रहें, विरोध करें। क्योंकि अन्याय सहना अन्याय करने के बराबर होता है। बिरौल एसीजेएम पंकज चंद्र वर्मा ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं के लिए न्यायालय का दरवाजा खुला है। आप न्याय के लिए न्यायालय में अवश्य आयें।
और अपराधियों को सजा दिलाये, जिससे दूसरे अपराधियों को सबक मिले। कार्यक्रम में बिरौल अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बच्चे लाल झा ने जिला जज का एवं सचिव राजकपूर पाण्डेय ने प्राधिकार सचिव श्रीराम झा का स्वागत मिथिला परंपरा अनुसार पाग चादर माला से किया।
पैनल अधिवक्ता नूर अली खान और रीना कुमारी ने महिलाओं से संबंधित सभी कानूनों की जानकारी दी। कार्यक्रम में बिरौल के सभी न्यायिक मजिस्ट्रेट,सीओ विमल कुमार कर्ण,अपर थानाध्यक्ष आरती कुमारी, पीएलवी,नाजीर पंकज कुमार के अलावा अधिकांश महिला मुखिया, सरपंच, न्यायमित्र, सचिव, पंच, वार्ड सदस्य, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा, जिविका दीदी एवं अन्य महिलाएं मौजूद थी।

