
दरभंगा, देशज टाइम्स अपराध ब्यूरो। ऐसा लगता है कि डीजीपी आरएस भट्टी के बातों का असर दरभंगा पुलिस पर दिखना शुरू हो गया है। डीजीपी श्री भट्टी ने कहा था कि अपराधियों को दौड़ाना शुरू करो, नहीं तो वह तुम्हें दौड़ाने लगेंगे।
और, ऐसा कर दिखाया है बिरौल के डीएसपी मनीष चंद्र चौधरी ने। डीजीपी के बातों पर अमल करते हुए डीएसपी मनीष चंद्र चौधरी ने अपराधियों को दौड़ाना शुरू कर दिया है। उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि नेउरी के जगदीश चौधरी के गाछी में कुछ अपराधकर्मी अपराध की योजना बना रहे हैं। डीएसपी श्री चौधरी ने एक टीम गठित कर उक्त अपराधियों को पकड़ने के लिये छापेमारी उक्त बगीचे में पहुंचकर छापेमारी शुरू कर दी।
कुहासा अधिक रहने की वजह से कुछ अपराधकर्मी भाग निकले लेकिन पांच कुख्यात अपराधकर्मी पुलिस के हत्थे चढ़ गये। इन अपराधियों के पास से दो देसी कट्टा एवं तीन जिंदा कारतूस के अलावे कई मोबाइल, शराब की खाली बोतल, लूटी गई मोटरसाइकिल आदि बरामद किया है।
पकड़े गये अपराधियों में अलीनगर थाना क्षेत्र के मिल्की टोला निवासी स्व. अशर्फी यादव के पुत्र कुख्यात अपराधी जितेंद्र यादव ,राम बहादुर यादव के पुत्र संजय यादव, बहेड़ा थाना क्षेत्र के अघलुआम गांव निवासी सिंहेश्वर यादव के पुत्र पप्पू यादव, बिरौल थाना क्षेत्र के अफजला गांव निवासी मो. निसाउद्दिन के पुत्र सरफुद्दीन एवं घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के परड़ी गांव निवासी सुरेश यादव के पुत्र विक्रम यादव है।
एसएसपी अवकाश कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह सूचना दी है। उन्होंने कहा कि करीब एक सप्ताह पूर्व बिरौल थाना क्षेत्र के विभिन्न जगहों पर हुई लूटपाट में तीन प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
इस कारण एसएसपी के निर्देश पर डीएसपी के नेतृत्व में एक छापेमारी दल का गठन किया गया था। इसी छापेमारी दल ने यह कार्रवाई की है। एसएसपी श्री कुमार ने जानकारी दी है कि कुख्यात जितेंद्र यादव के पास से एक लोडेड देसी कट्टा, एक गोली, तीन स्मार्ट एवं एक साधारण फोन बरामद किया गया है।
वहीं, पप्पू यादव के पास से एक देसी कट्टा, दो गोली तीन स्मार्ट फोन बरामद किया गया है। सरफुद्दीन के पास से तीन मोबाइल सेट एवं संजय यादव के पास से दो मोबाइल सेट बरामद किया है।








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