

बिरौल देशज टाइम्स डिजिटल डेस्क। पटना हाईकोर्ट के निर्देश पर महेंद्र प्रसाद यादव, मुंसिफ व्यवहार न्यायालय बिरौल की उपस्थिति में भू-स्वामी बौएलाल यादव बगैरह के नाम से करवाया गया केबाला को प्रतिवादी नंद किशोर यादव वगैरह मानने को तैयार नहीं हैं।
इसको लेकर थाना क्षेत्र के कमरकाला पंचायत के गमहरिया गांव में फिर से दो पक्षों में विवाद उत्पन्न हो गया है। इसको लेकर प्रथम पक्ष बौएलाल यादव ने थाना में आवेदन देते उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन कराने एवं खेत की जुताई बुआई कराने का आग्रह पुलिस से किया है।
प्रथम पक्ष के वरीय अधिवक्ता बृजमोहन प्रसाद सिंह के अनुसार गमहरिया गांव मे बौएलाल यादव और द्वितीय पक्ष के महेन्द्र यादव, रंजीत यादव, मनोज यादव वगैरह के बीच 16 कठ्ठा 5 धुर खेती की जमीन को लेकर वर्ष 2018 से विवाद चल रहा है।
इस मामले को लेकर प्रथम पक्ष न्यायालय के शरण में चले गए। जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय से प्रथम पक्ष को डिग्री मिलने के बाद द्वितीय पक्ष उच्च न्यायालय पटना मे अपील दर्ज कराया। परन्तु उच्च न्यायालय ने भी जिला न्यायालय के निर्णय को बरकरार रखा।
और द्वितीय पक्ष के अपील को खारिज करते हुए व्यवहार न्यायालय बिरौल के मुंशीफ को विवादित भूमि को प्रथम पक्ष के नाम से केबाला कराने का निर्देश दिया। सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष राजीव कुमार राय ने पूछने पर बताया कि न्यायालय का आदेश सर्वोपरि होता है।
हाईकोर्ट की ओर से दिये गए निर्णय को द्वितीय पक्ष को स्वीकार करना चाहिए। थानाध्यक्ष एस एन सारंग ने बताया कि प्रथम पक्ष की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है। कागजातों का अवलोकन करने व स्थल निरीक्षण के बाद अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी।


