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Darbhanga के बेनीपुर में रबी पर प्रशिक्षण भी और कार्यशाला भी, मगर पहुंचे नहीं कृषि वैज्ञानिक फिर औचित्य क्या?

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सतीश चंद्र झा, बेनीपुर, देशज टाइम्स। रबी महाभियान के तहत शुक्रवार को प्रखंड कृषि भवन में रबी कार्यशाला सह प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान कृषि अधिकारियों ने किसानों को रबी फसल के लिए सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

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इस कार्यशाला सह प्रशिक्षण शिविर में एक भी कृषि वैज्ञानिक की उपस्थिति नहीं होने पर उपस्थित किसानों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कार्यशाला सह प्रशिक्षण शिविर के औचित्य पर ही कई सवाल खड़ा कर दिया।

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किसानों ने कहा कि इस कार्यशाला का आयोजन वैज्ञानिक तरीकों से रबी की खेती के लिए किसानों को कुशल कृषि वैज्ञानिकों द्वारा नई तकनीकी की जानकारी देने के लिए की जा रही है।. लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के कारण यह प्रशिक्षण शिविर मात्र सरकारी योजना का प्रचार प्रसार  का साधन बनकर रह गया है।

शिविर में कृषि वैज्ञानिक के अनुपलब्धता पर अनुमंडल कृषि पदाधिकारी प्रीति सुंदरम ने कहा कि शिविर में दो कृषि वैज्ञानिक को आना सुनिश्चित था जिसकी सूचना उन्हें दे दी गई थी लेकिन किसी कारण वश‌ वे लोग नहीं पहुंच पाए हैं। उन लोगों से जवाब तलब किया जाएगा।

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इस दौरान किसानों को संबोधित करते हुए अनुमंडल कृषि  पदाधिकारी प्रीति सुंदरम ने किसानों को रबी फसल में सरकार द्वारा अनुदानित दर के विभिन्न योजना  के तहत उपलब्ध होने वाली बीज की जानकारी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री तीव्र बीज विस्तार योजना के तहत

90% अनुदान पर आधा एकड़ के लिए 20 किलो प्रमाणित गेहूं का बीज का दो प्रभेद मसुर एवं गेहूं का बीज उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा बीज ग्राम के तहत 50 से 80% अनुदान पर राई, सरसों ,मसूर का बीज किसानों को दिया जाएगा ।इसके तहत बेनीपुर प्रखंड से दो गांव को बीज ग्राम के रूप में चयनित किया गया है।

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इसके तहत प्रत्येक गांव के 100-100 किसानों को इस योजना के तहत  लाभ दिया जाएगा इसके लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा ।उन्होंने कहा कि इस वर्ष समय पर किसानों को बीज उपलब्ध करा दिया जाएगा। इस दौरान प्रखंड कृषि पदाधिकारी सूरज कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि 11 नवंबर से 11 दिसंबर तक गेहूं की अगात बुवाई का समय माना जाता है।

इस अवध में गेहूं की बुवाई करने से अच्छी उपज होती है। इसलिए किसान इसी अवधि में गेहूं बुवाई का काम संपन्न करें साथ ही उन्होंने जीरो टिलेज विधि से गेहूं बुवाई  करने और उससे होने वाली फायदे एवं बचत से किसानों को अवगत कराया ।इस दौरान किसानों ने स समय बीज उपलब्ध कराने की मांग की।

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इसके संबंध में प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने कहा कि मशुर का बीज उपलब्ध हो चुका है एक से दो दिन में वितरण प्रारंभ की जाएगी। इस अवसर पर उप प्रमुख नूनू कुमार महतो ,राहुल कुमार, पंकज कुमार ,कुंदन कांति ,राजेश कुमार ,वरुण प्रसाद ,विनय कुमार ,दुर्गा शंकर झा, अजीत कुमार सहित समिति सदस्य धीरज कुमार झा, भोगेद्र यादव ,अरुण साहनी सहित दर्जनों किसान उपस्थित थे।

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