



कमतौल न्यूज: बिजली चोरी! यह शब्द सुनते ही कई लोगों के कान खड़े हो जाते हैं, लेकिन जब चोरी का तरीका और नुकसान का आंकड़ा सामने आता है, तो आंखें फटी रह जाती हैं. कमतौल में ऐसे ही दो बड़े मामले सामने आए हैं, जहां मीटर बाईपास कर लाखों रुपये की बिजली काटी गई. क्या है पूरा मामला और विभाग ने क्या कार्रवाई की, जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर.
विद्युत विभाग ने कमतौल इलाके में बिजली चोरी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है. शुक्रवार को विभागीय कर्मियों के साथ सघन छापेमारी के दौरान दो अलग-अलग परिसरों में मीटर बाईपास कर विद्युत ऊर्जा की चोरी का मामला उजागर हुआ. इस खुलासे से विभाग में हड़कंप मच गया है, क्योंकि चोरी का यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा था और इससे विभाग को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा था.
कैसे पकड़ी गई बिजली चोरी?
पहला मामला ढढ़िया गांव से सामने आया है, जहां स्व. चंद्रशेखर साह की पत्नी राधा देवी के औद्योगिक परिसर में बिजली चोरी पकड़ी गई. जांच में पता चला कि उनके परिसर में लगे मीटर को बाईपास कर अवैध तरीके से विद्युत ऊर्जा का उपभोग किया जा रहा था. इस चोरी के कारण विद्युत विभाग को 2 लाख 58 हजार 325 रुपये का भारी नुकसान हुआ है.
इसी तरह का दूसरा मामला रमौल गांव से रिपोर्ट किया गया है. यहां स्व. मोसिम अंसारी के बेटे मो. अकरम के आवासीय परिसर में भी मीटर बाईपास कर बिजली चोरी करते पकड़ा गया. इस मामले में विभाग को 16 हजार 528 रुपये की विद्युत ऊर्जा की चोरी से हुई क्षति का आकलन किया गया है.
लाखों के नुकसान और विभाग की कार्रवाई
इन दोनों मामलों में विद्युत विभाग ने त्वरित कार्रवाई की है. विभागीय एसडीओ अमित कुमार और जेईई वकील आलम अंसारी ने अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई है. विभाग का अनुमान है कि दोनों मामलों में हुई बिजली चोरी से उन्हें कुल 2 लाख 74 हजार 853 रुपये (2,58,325 + 16,528) का नुकसान हुआ है.
विभाग ने आरोपियों से केवल चोरी की गई बिजली का मूल्य ही नहीं, बल्कि उस पर लगने वाला जुर्माना और बकाया राशि भी वसूलने का निर्णय लिया है. इसके तहत, औद्योगिक परिसर और आवासीय परिसर में हुई चोरी के लिए कुल 3 लाख 18 हजार 204 रुपये की वसूली हेतु संबंधित थाना में आवेदन दिया गया है. विभाग ने साफ कर दिया है कि बिजली चोरी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उनसे हर हाल में सरकारी राजस्व की वसूली की जाएगी.



