
Shaheed Diwas: जैसे सूखी मिट्टी में पानी की बूंदें जान फूंक देती हैं, वैसे ही शहीदों की यादें राष्ट्र की चेतना को जीवित रखती हैं। विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में आज कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब शहीद–ए–आज़म भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहादत दिवस के अवसर पर ‘इंकलाब’ की गूंज सुनाई दी।
Shaheed Diwas पर विशेष आयोजन: छात्रों के लिए ‘इंकलाब’ की स्क्रीनिंग
आज अमर शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वैज्ञानिक एवं वृत्तचित्र फिल्मकार गौहर रज़ा द्वारा निर्देशित प्रसिद्ध फिल्म ‘इंकलाब’ की स्क्रीनिंग रखी गई। लगभग 40 मिनट की इस फिल्म में भगत सिंह और उनके क्रांतिकारी साथियों के जीवन, उनके विचार और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को ऐतिहासिक तथ्यों और विशेषज्ञों की राय के साथ बेहद भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है।

फिल्म स्क्रीनिंग कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए विभागाध्यक्ष प्रो. उमेश कुमार ने कहा कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु जैसे महापुरुष आज भी हर देशवासी के दिल में बसते हैं। उन्होंने कहा, “इस फिल्म को दिखाने का मुख्य उद्देश्य यही है कि हमारे छात्र–छात्राएं इन महान क्रांतिकारियों के जीवन से प्रेरणा लें और अपने अंदर देश के प्रति त्याग, बलिदान और समर्पण के भाव को आत्मसात करें।” आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं शहीद: प्रोफेसर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रो. विजय कुमार ने कहा कि जब तक हम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु जैसे महापुरुषों को याद करते रहेंगे, तब तक हम अपने पथ से विचलित नहीं होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज की युवा पीढ़ी को इन शहीदों के जीवन से एक गहरा वैचारिक लगाव विकसित करने की आवश्यकता है, जिससे वे देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझ सकें। इसी क्रम में सह–प्राचार्य डॉ. महेश कुमार सिन्हा ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इन वीरों ने देश में त्याग और बलिदान की जो अलख जगाई है, वह युगों–युगों तक जलती रहेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने विश्वास जताया कि इन महापुरुषों के दिखाए रास्ते पर चलकर ही भारत विश्व में अपना गौरवशाली स्थान प्राप्त कर सकता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
इस अवसर पर विभागीय सहायक प्राध्यापिका डॉ. मंजरी खरे सहित बड़ी संख्या में शोधार्थी, स्नातकोत्तर के छात्र और अन्य विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया।




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