

दरभंगा समाचार: सब्जी पौध नर्सरी प्रशिक्षण: मिट्टी से सोना उगाने का ख्वाब देखने वाले युवाओं के लिए कृषि विज्ञान केंद्र जाले ने एक नई राह खोली है। पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम, जो सिर्फ कौशल नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का बीज बो रहा है।
सब्जी पौध नर्सरी प्रशिक्षण: युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
जाले स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में ‘सब्जी पौध नर्सरी उत्पादन एवं प्रबंधन’ विषय पर पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ हुआ है। यह प्रशिक्षण युवाओं को कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। केंद्र के वरीय वैज्ञानिक सह अध्यक्ष डॉ. दिव्यांशु शेखर की अध्यक्षता में इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा, जिससे उनके कौशल को आधिकारिक मान्यता मिल सकेगी।
प्रशिक्षण के पहले दिन, डॉ. प्रदीप कुमार विश्वकर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि आजकल सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में युवा वर्ग की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है। इसी के मद्देनजर, सिंहवाड़ा, तारडीह, जाले, दरभंगा सदर, हायाघाट और अलीनगर जैसे विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में युवक-युवतियों ने इस प्रशिक्षण में भाग लिया है। उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय, पिपराकोठी से पधारे सह प्राध्यापक डॉ. सुधीर दास ने प्रशिक्षुओं को सब्जी उत्पादन की वैज्ञानिक विधियों, इसके प्रभावी विपणन और सबसे महत्वपूर्ण, रसायन मुक्त गुणवत्तापूर्ण सब्जियों के निर्यात से जुड़ी अहम जानकारियाँ प्रदान कीं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
प्रयोगात्मक ज्ञान और भविष्य की संभावनाएं
डॉ. प्रदीप कुमार विश्वकर्मा ने नर्सरी उत्पादन के दौरान खरपतवारों के नियंत्रण, कीट-व्याधियों से बचाव और उत्तम कृषि क्रियाओं के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे इन पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करके बेहतर गुणवत्ता वाली पौध तैयार की जा सकती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आने वाले दिनों में, प्रशिक्षुओं को प्रयोगात्मक विधि से नर्सरी उत्पादन की बारिकियों, उन्नत प्रजातियों की खेती के तरीकों और खेत की वैज्ञानिक तैयारी के बारे में गहनता से सिखाया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

