

Viksit Bharat: जब नन्हे हाथों ने कूची से अहिंसा और अधिकार के रंग उकेरे, तो कला और जागरूकता का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। जाले प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय बालक मुरैठा में शुक्रवार को ‘अहिंसा से अधिकार’ विषय पर एक विशेष पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस प्रतियोगिता में कक्षा तीन, चार और पांच के कुल 17 प्रतिभाशाली बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और अपने चित्रों के माध्यम से अहिंसा व अधिकार के गहरे संदेश को कैनवास पर जीवंत कर दिया।
<h2>Viksit Bharat संकल्प के तहत आयोजित हुई प्रतियोगिता</h2>
यह कार्यक्रम केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘विकसित भारत जीरामजी योजना’ के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान मौजूद प्रोग्राम पदाधिकारी (पीओ) रजनीश कुमार ने उपस्थित ग्रामीणों को इस योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे यह योजना ग्रामीण विकास को एक नई दिशा दे रही है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर प्रकाश डाला कि योजना के अंतर्गत आने वाले वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी सहित अन्य कई प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। सरकार की विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए ऐसे जमीनी स्तर के कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद स्थापित करते हुए उनकी विभिन्न जिज्ञासाओं और प्रश्नों का समाधान भी किया गया, जिससे योजना को लेकर स्पष्टता बढ़ी।
<h2>प्रतिभाओं को मिला सम्मान और प्रोत्साहन</h2>
प्रतियोगिता के समापन पर, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नन्हे कलाकारों को पुरस्कृत कर उनका मनोबल बढ़ाया गया। इस अवसर पर समाजसेवी सह स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि सबरी चौपाल और किसान सलाहकार सुजीत कुमार सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं भी मौजूद रहे। अतिथियों ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल बच्चों की रचनात्मकता को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें सामाजिक मूल्यों के प्रति जागरूक भी बनाते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह कार्यक्रम कला, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता का एक सफल उदाहरण बनकर उभरा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।



