

जांच के दौरान विभिन्न योजनाओ एवं विद्यालय तथा आंगनवाड़ी जांच में काफी अनियमितता पायी गई। जानकारी के अनुसार उत्क्रमित मध्य विद्यालय महादेव मठ पहुंचे तो विद्यालय में नामांकित 771 छात्रों में 224 छात्र उपस्थित पाए गए , और विगत एक जुलाई से मध्यान भोजन पूरी तरह बंद पाया गया।
जब विद्यालय के एचएम विनोद कुमार से मध्याह्न भोजन के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि चावल का स्टॉक नहीं रहने के कारण माध्यन भोजन बंद है। इसके लिए एमडीएम प्रभारी को भी लिखा गया है। जब इस मामले में वरीय पदाधिकारी ने एमडीएम प्रभारी से इस मामले में बात की तो चावल नहीं होने की बात बताई।
वरीय जब विद्यालय से लौटने लगे तो विद्यालय में उपस्थित छात्रों ने बताया कि सर विद्यालय में चावल रखा हुआ है। तब वरीय प्रभारी छात्रों की बात सुनकर भौचक रह गए। विद्यालय के दूसरी कमरे को खोलवाया गया तो विद्यालय में 30 बोरा चावल सड़े हुए स्थिति में पाया गया।
वहीं वर्ष 2016-2017 की बच्चों की किताबें जो विद्यालय के एचएम की ओर से वितरण करना था वह वितरण नही किया गया और विद्यालय में किताबे पाई गई। वहीं, वरीय प्रभारी श्री सिद्दीकी ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय कुंजभवन की जब जाँच की गई तो विद्यालय सुचारू रूप से संचालित पाया गया लेकिन विद्यालय में काफी अनिमितता पाई गई।
साथ ही बच्चों के बीच जो 28 फरबरी तक सूखा राशन वितरण किया जाना था वो चावल भी विद्यालय में सड़े हुए स्थिति में पाया गया । वही उन्होंने बताया कि प्राथमिक विद्यालय कुंजभवन की स्थिति ऐसी है कि कुछ दिनों में ही पूरा विद्यालय नदी के कटाव के कारण नदी में समाहित हो जायेगा महज नदी से विद्यालय की दूरी मात्र 45 फ़ीट बची हुई है और नदी की कटाब लगातार हो रही है। 



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