

दरभंगा जिले में पुलिसिया व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। अक्सर देखा जां रहा है कि पीड़ित लोग जब शिकायत लेकर थाने जाते हैं तो प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाती है। लोग इधर-उधर चक्कर लगाते रहते हैं।
इस कारण डीएसपी, एसएसपी के यहां उम्मीद से ज्यादा शिकायत करने लोग पहुंचते हैं, जब्कि सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश है कि कोई भी पीड़ित अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंचता है तो एफआईआर तुरंत दर्ज करें। इसके बावजूद
थानाध्यक्ष मनमानी करने से चूकते नहीं। ताजा मामला बहेड़ी से जुड़ा है।
बहेड़ी थाना क्षेत्र के रजवार गांव निवासी सूनर सिंह की पत्नी रामफूल देवी को उसके पड़ोसियों ने चाकू मारकर जख्मी कर दिया। उसका इलाज स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। उसके परिजन बहेड़ी थाना में जब आवेदन देने गए तो थाना ने आवेदन नहीं लिया।
यह कहते हुए पीड़ित परिजन को वहां से जाने को कहा कि हम जांच करेंगे फिर आवेदन लेकर प्राथमिकी करेंगे। जख्मी रामफूल देवी का कहना है कि उसके पड़ोसियों ने गंदा पानी उसके घर के आगे से बहाना शुरू किया। वह रोकने गई।दोनों में काफी हल्ला गुल्ला हुआ। इतने में उसके पड़ोसियों ने पहले हाथ पर छुरा मारा फिर उसके सिर पर मार दिया।
उसने कहा कि हल्ला होने के कारण वहां कई लोग जुट गए थे, जिन्होंने उसे अस्पताल पहुंचाया। अब सवाल उठता है कि मामला जो भी हो थानाध्यक्ष को प्राथमिकी दर्ज करना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं कर न्यायालय के आदेश की अवहेलना की है।
इस बाबत जब बहेड़ी थानाध्यक्ष को फोन किया तो फोन नहीं उठाए। बहेड़ी थाना से सटे सरकारी अस्पताल है। लेकिन कोई भी पुलिस पदाधिकारी फर्द ब्यान तक लेने नहीं जाता है। चिकित्सक की ओा से सूचना भी दी जाती है फिर भी पुलिस वहां नहीं पहुंचती। इसका सबसे बड़ा साक्ष्य है कि पीड़ित महिला अब तक अस्पताल में है, लेकिन उसका फर्द ब्यान नहीं लिया गया है। जब परिजन थाने गए तो उनकी प्राथमिकी दर्ज नहीं की। ऐसे में पीड़ित परिवार को कैसे न्याय मिलेगा।


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