पटना न्यूज़: बिहार में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा की विजय यात्रा के दौरान हुए कथित फायरिंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर बवाल मचा रहा है. इस वायरल वीडियो ने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है, और अब विपक्ष सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है. आखिर क्या है इस मामले की पूरी सच्चाई, और क्यों उठ रहे हैं इतने सवाल?
बिहार विधानसभा चुनाव में जीत के बाद बीते शुक्रवार (28 नवंबर) को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा की विजय यात्रा निकाली गई थी. इसी दौरान का एक वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर दो लोग दो नाली बंदूक से फायरिंग करते दिख रहे हैं. इस घटना ने पूरे राज्य में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है, खासकर सत्ताधारी गठबंधन पर सवाल उठाए जा रहे हैं.
यह वीडियो सामने आते ही मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने NDA सरकार पर तीखा हमला बोल दिया है. RJD प्रवक्ता एजाज अहमद ने वायरल वीडियो को जारी करते हुए भाजपा पर निशाना साधा और इसे ‘भाजपा का असली चाल, चरित्र और चेहरा’ करार दिया. उन्होंने सवाल उठाया कि एक उपमुख्यमंत्री जहां अपराधियों को बिहार से भगाने की बात करते हैं, वहीं दूसरे उपमुख्यमंत्री (विजय सिन्हा) के स्वागत जुलूस में गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई देती है.
विपक्ष का तीखा प्रहार, ‘बुलडोजर नीति’ पर सवाल
एजाज अहमद ने सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में पूछा, “आपकी बुलडोजर नीति कहाँ चली गई है?” RJD का कहना है कि यह घटना दर्शाती है कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति कितनी बदतर हो चुकी है और सत्ता पक्ष के संरक्षण में अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं.
RJD के इन आरोपों पर सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने तुरंत सफाई पेश की. JDU प्रवक्ता अरविंद निषाद ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शासनकाल में किसी को भी न तो बचाया जाता है और न ही फँसाया जाता है. उन्होंने घटना के बाद की पुलिस कार्रवाई का भी ब्यौरा दिया.
‘चिड़िया मारने वाली बंदूक’ और पुलिस की कार्रवाई
अरविंद निषाद के अनुसार, पुलिस ने फायरिंग करने वाले दोनों व्यक्तियों को तत्काल थाना लाकर पूछताछ की थी. पूछताछ के दौरान उन व्यक्तियों ने बताया कि उनके पास मौजूद बंदूक ‘चिड़िया मारने वाली बंदूक’ है, जिससे किसी प्रकार के जान-माल की क्षति नहीं होती है. उन्होंने यह भी खुलासा किया कि वे लोग भाड़े पर उत्सवों और समारोहों में जाकर फायरिंग का काम करते हैं. पुलिस ने गहन पूछताछ के बाद दोनों व्यक्तियों से बॉन्ड भरवाकर उन्हें छोड़ दिया है, हालांकि इस पूरे मामले के सभी बिंदुओं पर जांच अभी भी जारी है. निषाद ने जोर देकर कहा कि नीतीश कुमार के 20 वर्षों के शासनकाल में किसी भी अपराधी को कभी संरक्षण नहीं दिया गया है.
वहीं, इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता मनोज तिवारी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी. पटना से दिल्ली पहुंचे तिवारी ने कहा कि यह सुशासन की सरकार है और कानून अपना काम पूरी निष्पक्षता से कर रहा है. उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार भी किया था और विपक्ष इस मामले को बेवजह तूल दे रहा है.



