
Gaya Train Tickets: होली के रंगों का खुमार अभी उतरा भी नहीं था कि फिर से जिंदगी की रफ्तार ने लोगों को घर से बाहर खींच लिया है। गया जंक्शन पर यात्रियों का सैलाब उमड़ पड़ा है, जहाँ हर चेहरा अपनी मंजिल तक पहुंचने की जद्दोजहद बयां कर रहा है।
Gaya Train Tickets: होली बाद गया जंक्शन पर भारी भीड़, दिल्ली-मुंबई की ट्रेनों में लंबी वेटिंग
गया जंक्शन से Gaya Train Tickets का हाल: सात दिनों तक मिलना मुश्किल
होली के पावन पर्व के समापन के साथ ही गया जंक्शन पर यात्रियों की अप्रत्याशित भीड़ देखने को मिल रही है। हजारों की संख्या में लोग अपने कार्यस्थल दिल्ली, मुंबई और देश के अन्य बड़े शहरों की ओर लौटने को बेताब हैं। हालांकि, इन यात्रियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती कंफर्म टिकट हासिल करना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। स्थिति यह है कि प्रमुख लंबी दूरी की ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट चल रही है और अगले सात दिनों तक टिकट मिलना लगभग नामुमकिन सा हो गया है।
रेलवे स्टेशनों पर बढ़ी हुई भीड़ ने अधिकारियों की भी चिंता बढ़ा दी है। यात्रियों को मजबूरन तत्काल कोटे का सहारा लेना पड़ रहा है, जिसमें भी कंफर्म टिकट मिलना बेहद मुश्किल है। कई यात्रियों को बिना टिकट या आरक्षित सीट के भी यात्रा करने के लिए विवश होना पड़ रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
गया से खुलने वाली और गुजरने वाली सभी प्रमुख ट्रेनों जैसे महाबोधि एक्सप्रेस, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, हावड़ा-नई दिल्ली एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में अगले एक सप्ताह तक सीटें पूरी तरह से भर चुकी हैं। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें तत्काल टिकट भी नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी यात्रा योजनाएं अधर में लटक गई हैं। यह समस्या केवल गया तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार के अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
रेलवे द्वारा भीड़ प्रबंधन के उपाय
रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जा रही हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या इतनी अधिक है कि इन प्रयासों के बावजूद समस्या बनी हुई है। स्टेशन पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। यात्रियों से अपील की गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें और अनावश्यक भीड़ से बचें। आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है, जब तक अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।





