
Gaya News: गया शहर में चार लड़कियों के लापता होने की कहानी किसी पहेली की तरह उलझी हुई थी, जिसकी हर परत खुलने पर एक नया मोड़ सामने आ रहा था। गया पुलिस ने इस मामले की गुत्थी को सुलझाते हुए चारों लड़कियों को दिल्ली से सकुशल बरामद कर लिया है।
Gaya News: दोस्ती की मिसाल या घर से बगावत?
गयाजी के डेल्हा थाना क्षेत्र से लापता हुईं चारों लड़कियां एक ही मोहल्ले की रहने वाली हैं और एक-दूसरे को पहले से जानती थीं। डीएसपी टाउन-2 धर्मेंद्र भारती ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इनमें से दो लड़कियों के बीच काफी गहरा रिश्ता था। बाकी दो लड़कियां सिर्फ अपनी दोस्ती निभाने की खातिर उनके साथ घर से निकल पड़ी थीं। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि लड़कियों ने बहुत सोच-समझकर यह कदम उठाया था। घर से निकलते समय वे अपने साथ मोबाइल फोन लेकर नहीं गई थीं, ताकि उन्हें ट्रैक न किया जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हालांकि, रास्ते में उन्होंने अलग-अलग लोगों के मोबाइल फोन से अपने परिवार वालों से संपर्क करने की कोशिश की, और यही गलती पुलिस के लिए एक बड़ा सुराग बन गई।
शुरुआत से ही पुलिस को यह अंदेशा था कि लड़कियां जानबूझकर अपनी पहचान और लोकेशन छिपा रही हैं। उन्होंने गया से पहले बक्सर का रास्ता चुना और फिर वहां से दिल्ली के लिए रवाना हुईं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस पूरी योजना का मकसद पुलिस और परिवार को गुमराह करना था।
पहचान छिपाने के लिए बदला हुलिया
दिल्ली पहुंचने के बाद दो लड़कियों ने अपनी पहचान को पूरी तरह से छिपाने का फैसला किया। उन्होंने लड़कों का वेश धारण कर लिया, जिसके लिए उन्होंने अपने बाल तक कटवा लिए और जींस-स्वेटर पहनना शुरू कर दिया। इसी बदले हुए हुलिये के कारण वे दो बार पुलिस टीम को चकमा देने में भी कामयाब रहीं। लेकिन पुलिस की तकनीकी निगरानी और लगातार कोशिशों के आगे उनकी योजना ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अंततः पुलिस टीम ने चारों को दिल्ली से सकुशल बरामद कर लिया और उन्हें लेकर गया वापस लौट आई। फिलहाल सभी लड़कियां पुलिस की निगरानी में हैं और उनके बयान न्यायालय में दर्ज कराए जाएंगे, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीएसपी धर्मेंद्र भारती ने बताया कि इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली पुलिस टीम को पुरस्कृत करने के लिए वरीय अधिकारियों से अनुशंसा की जाएगी।

