RPF साइकिल गश्ती: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच अब लोग वैकल्पिक साधनों की ओर मुड़ रहे हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रेलवे पुलिस भी ऐसा कर सकती है? जी हाँ, अब गया रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल के जवान साइकिल से गश्त करते नज़र आ रहे हैं, जो सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण और ईंधन बचत का भी एक अनोखा संदेश दे रहे हैं। यह पहल जहां एक तरफ यात्रियों के बीच सुरक्षा की भावना को मजबूत कर रही है, वहीं दूसरी ओर ईंधन की बचत और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का भी पाठ पढ़ा रही है।
पूर्व मध्य रेल के डीडीयू मंडल अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट गया के अधिकारियों और जवानों ने गया रेलवे स्टेशन परिसर में विशेष साइकिल गश्ती अभियान चलाया। आरपीएफ इंस्पेक्टर बनारसी यादव के नेतृत्व में जवानों ने साइकिल से स्टेशन परिसर, सर्कुलेटिंग एरिया, प्रवेश एवं निकास द्वार, टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय और अन्य संवेदनशील स्थानों पर कड़ी निगरानी रखी। इस दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी गई और यात्रियों को सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया गया।
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RPF साइकिल गश्ती से सुरक्षा और पर्यावरण का संदेश
आरपीएफ अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की गश्ती से यात्रियों के बीच सुरक्षा का सकारात्मक संदेश जाता है और लोगों में रेलवे सुरक्षा बल के प्रति विश्वास और मजबूत होता है। साथ ही यह पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत का भी संदेश देती है, जो मौजूदा समय में बेहद महत्वपूर्ण है। देश में बढ़ते प्रदूषण और ऊर्जा संकट को देखते हुए `पर्यावरण संरक्षण` अब हर विभाग की प्राथमिकता बन गया है।
विशेष अभियान और उसकी सफलता
गश्ती अभियान के दौरान सभी स्थानों पर स्थिति सामान्य पाई गई और पूरा अभियान शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ। रेलवे सुरक्षा बल ने इसे एक सफल अभियान बताया है और आगे भी इस तरह की गतिविधियां जारी रखने की बात कही है। गया रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की यह अनोखी साइकिल गश्ती अब चर्चा का विषय बनी हुई है। सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत का संदेश देने वाली इस पहल की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं।
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नई पहल से बढ़ेगा यात्रियों का भरोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार लोगों से ईंधन की बचत करने और साइकिल जैसे साधनों का उपयोग करने की अपील करते रहे हैं। `RPF साइकिल गश्ती` जैसी पहलें यह दर्शाती हैं कि पारंपरिक सुरक्षा उपायों के साथ-साथ आधुनिक और पर्यावरण-हितैषी तरीकों को भी अपनाया जा सकता है। यह अभियान उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे यात्रियों में रेलवे के प्रति विश्वास और भी गहरा होगा।
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