
Bihar Vigilance Raid: भ्रष्टाचार की दलदल में गहरे धंसे तंत्र पर अब सरकारी शिकंजा कसता जा रहा है, और इसी कड़ी में बिहार सरकार ने एक और भ्रष्ट अधिकारी पर गाज गिराई है।
Bihar Vigilance Raid: बरौली में घूसखोर राजस्व अधिकारी विजय कुमार सिंह निलंबित, मुजफ्फरपुर कमिश्नर कार्यालय से अटैच
बिहार सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को पुनः स्पष्ट करते हुए गोपालगंज जिले के बरौली अंचल में पदस्थापित राजस्व अधिकारी विजय कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर दाखिल-खारिज (mutation) के एवज में रिश्वत लेने का गंभीर आरोप है, जिसमें उन्हें निगरानी विभाग की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई ने सरकारी महकमों में हड़कंप मचा दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विजय कुमार सिंह ने एक जमीन के दाखिल-खारिज के लिए शिकायतकर्ता से 20,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने जाल बिछाया। विजिलेंस टीम ने सुनियोजित तरीके से कार्रवाई करते हुए राजस्व अधिकारी सिंह को 6,500 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। यह घटना सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोलती है। अधिकारियों के इस तरह के कृत्य न केवल आम जनता का भरोसा कम करते हैं, बल्कि सरकारी कामकाज की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाते हैं, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Bihar Vigilance Raid: भ्रष्टाचार पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति
निलंबन के बाद, विजय कुमार सिंह को अब मुजफ्फरपुर कमिश्नर कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। यह कार्रवाई बिहार सरकार की भ्रष्टाचार के विरुद्ध चल रही मुहिम का हिस्सा है। सरकार स्पष्ट संदेश देना चाहती है कि भ्रष्ट आचरण में लिप्त किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। यह मामला एक बार फिर से राजस्व विभाग में दाखिल-खारिज जैसी प्रक्रियाओं में होने वाली देरी और रिश्वतखोरी की शिकायतों को उजागर करता है।
निलंबन के बाद मुजफ्फरपुर कमिश्नर ऑफिस में हाजिरी का आदेश
निगरानी विभाग लगातार ऐसे मामलों पर पैनी नजर रख रहा है और त्वरित कार्रवाई कर रहा है। पिछले कुछ महीनों में कई अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है, जो इस बात का प्रमाण है कि बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान तेज हो गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें सरकार का यह कदम सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आम लोगों को दाखिल-खारिज जैसी मूलभूत सेवाओं के लिए भी कई बार अधिकारियों की मनमानी का सामना करना पड़ता है। इस कार्रवाई से उम्मीद है कि अन्य अधिकारी भी सबक लेंगे और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


