
गोपालगंज गोलीकांड: रिश्तों का ऐसा खौफनाक चेहरा शायद ही आपने कभी देखा होगा! बिहार के गोपालगंज जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक भाई ने अपने ही सगे भाई को रास्ते से हटाने की ना सिर्फ साजिश रची, बल्कि पड़ोसियों को भी फंसाने का पूरा प्लान तैयार कर लिया था। पुलिस के चौंकाने वाले खुलासे ने सबको हैरत में डाल दिया है।
करीब 20 दिन पहले मीरगंज थाना क्षेत्र के जिगना जगरनाथ गांव में हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया था। उस रात जिगना जगरनाथ (तोताराम टोला) निवासी 35 वर्षीय संतोष कुमार अपने घर के बाहर सो रहे थे। तभी देर रात बाइक सवार बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे संतोष गंभीर रूप से घायल हो गए। गोली की आवाज सुनकर परिजन घर से बाहर निकले, लेकिन हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो चुके थे। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था और पुलिस के लिए यह एक चुनौती थी।
गोपालगंज गोलीकांड: कैसे हुई पुलिस जांच?
इस गंभीर मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस अधीक्षक विनय कुमार तिवारी ने तुरंत एक विशेष जांच टीम का गठन किया। हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता, मीरगंज थाना पुलिस और एफएसएल टीम ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से जांच शुरू की। घटनास्थल से खोखे और खून के नमूने एकत्र किए गए।
- तकनीकी टीम की मदद से मोबाइल कॉल डिटेल और लोकेशन खंगाली गई।
- संदिग्धों से गहन पूछताछ की गई।
- परिजनों और स्थानीय लोगों के बयानों का मिलान किया गया।
जांच के दौरान जब पुलिस को कई बयानों में विरोधाभास मिला, तो उनका शक गहरा गया। पुलिस की वैज्ञानिक जांच और गहन पूछताछ के बाद जो सच सामने आया, वह रिश्तों की बुनियाद हिला देने वाला था। परिवार के भीतर लंबे समय से चल रहा जमीन विवाद इस वारदात की मुख्य वजह बना। पीड़ित का सगा भाई, जो रिश्ते की डोर में बंधा था, उसी ने अपने भाई को रास्ते से हटाने के लिए किराए के अपराधियों से संपर्क किया और पूरी साजिश रची। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पड़ोसियों को फंसाने की शातिराना चाल
इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि आरोपी भाई ने सिर्फ अपने भाई को निशाना नहीं बनाया, बल्कि अपने पुराने विरोधी पड़ोसियों को भी इस जमीन विवाद के बहाने फंसाने की योजना बनाई थी। पुलिस के अनुसार, शुरुआती बयानों में जानबूझकर पड़ोसियों का नाम भी सामने लाने की कोशिश की गई थी, ताकि एक तीर से दो निशाने साधे जा सकें – भाई की जमीन पर कब्जा और विरोधियों को जेल भेजना। यह सोचकर ही लोगों की रूह काँप जाती है कि कोई अपने ही परिवार के खिलाफ इतनी गहरी साजिश रच सकता है।
पुलिस अधीक्षक विनय कुमार तिवारी ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस किसी भी निर्दोष व्यक्ति को फंसने नहीं देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैज्ञानिक और तकनीकी जांच के आधार पर ही इस मामले का सफल खुलासा किया गया है। पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता और उसके सहयोगियों की पहचान कर ली है। आरोपियों के खिलाफ जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
इस खुलासे के बाद जिगना जगरनाथ गांव सहित पूरे मीरगंज क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इस बात से हैरान हैं कि गोपालगंज गोलीकांड ने भाई-भाई के रिश्ते को इस हद तक पहुंचा दिया कि अपने ही खून के खिलाफ ऐसी साजिश रच दी गई। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें






