Gopalganj Anti Encroachment Drive: बुलडोजर की दहाड़, अब अतिक्रमणकारियों पर भारी। सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे का खेल अब खत्म होने वाला है। गोपालगंज में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
गोपालगंज जिला प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। शहरी क्षेत्रों में सफलतापूर्वक कार्रवाई के बाद अब ग्रामीण इलाकों में भी सरकारी भूमियों को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। यह कदम उन लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जिन्होंने दशकों से सरकारी संपत्तियों पर नाजायज तरीके से कब्जा जमा रखा है।
जिले के सभी अंचलाधिकारी (सीओ) को इस संबंध में कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। सीओ के मार्गदर्शन में, उन सभी अतिक्रमणकारियों की पहचान की जा रही है जिन्होंने सरकारी जमीनों पर अपना डेरा जमा रखा है। पहचान प्रक्रिया पूरी होने के बाद, ऐसे सभी व्यक्तियों को विधिवत नोटिस जारी किए जाएंगे।
गोपालगंज में तेज होगी Bihar Anti Encroachment Drive
नोटिस में अतिक्रमण हटाने के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय की जाएगी। यदि तय समय सीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो प्रशासन बुलडोजर का इस्तेमाल कर बलपूर्वक कार्रवाई करेगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी जमीनें पूरी तरह से खाली कराई जाएं और उन्हें मूल स्वरूप में वापस लाया जाए। यह प्रशासन की दृढ़ता दर्शाता है। इस दिशा में प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
यह अभियान केवल शहरी क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी सरकारी तालाबों, सड़कों और अन्य सार्वजनिक उपयोग की जमीनों पर हुए अतिक्रमणों को निशाना बनाएगा। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सरकारी संपत्तियों को सुरक्षित करना और आम जनता के लिए उनका उपयोग सुनिश्चित करना है।
ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष फोकस
अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान से न केवल सरकारी राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि विकास परियोजनाओं के लिए भी पर्याप्त जमीन उपलब्ध हो पाएगी। कई बार विकास कार्यों में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के कारण बाधा आती है। यह अभियान उन बाधाओं को दूर करेगा और राज्य के विकास को गति देगा, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जनता से भी अपील की गई है कि वे इस अभियान में प्रशासन का सहयोग करें। किसी भी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने या कराने से बचें। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कदम राज्य में सुशासन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।





