
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की ओर से शिक्षक नियुक्ति परीक्षा परिणाम जारी होने और उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की काउंसलिंग के बाद अब नियुक्ति को लेकर तैयारी चल रही है। इस बीच, बिहार सरकार ने शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के लिए 2 नवंबर को बड़े आयोजन की तैयारी की है।
वहीं, इस बीच एक जानकारी दिल्ली से है जहां बिहार के बी-एड अभ्यर्थियों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस की बेंच ने शिक्षक भर्ती रिजल्ट पर रोक लगाने की रिट याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। आगामी 3 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर सुनवाई करेगा।
सरकार के नोटिफिकेशन में कुछ ऐसा नहीं था कि उन लोगों को प्रारंभिक में मौका नहीं दिया जाएगा लेकिन सरकार ने बीच में नियमों में बदलाव कर दिया। जिसको लेकर शिक्षक संघ और अन्य ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पढ़िए पूरी खबर
जानकारी के अनुसार, बिहार लोक सेवा आयोग की लिखित परीक्षा के आधार पर चयनित सभी 1 लाख 20 हजार 336 विद्यालय शिक्षकों को दो नवंबर को सीएम नीतीश कुमार नियुक्ति पत्र देंगे। लेकिन इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले शिक्षकों को बिहार सरकार की बनाई विशेष गाइडलाइन का पूरा पालन करना होगा।
बिहार सरकार ने पटना के गांधी मैदान में होने वाले नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह में शामिल होने वाले शिक्षकों के लिए निर्देश जारी किए हैं। इसके अनुसार कार्यक्रम के दौरान मोबाइल अथवा किसी भी अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स से फोटो लेने या वीडियो बनाने की मनाही है। हालांकि सरकार ने सभी शिक्षकों को यह आश्वासन जरुर दिया है कि कार्यक्रम के बाद कार्यक्रम की फोटो व वीडियो जिलों को अलग से उपलब्ध करा दिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, बिहार में हुई शिक्षक बहाली परीक्षा का रिजल्ट प्रकाशित होने के बाद रिजल्ट पर रोक लगाने की मांग करते हुए बिहार प्रारंभिक युवा शिक्षक संघ और अन्य ने सुप्रीम कोर्ट मे रिट याचिका दाखिल की है।
याचिकाकर्ता दीपांकर गौरव की ने शीर्ष अदालत से अपील की है कि शिक्षक बहाली में बीएड योग्यता धारियों को मौका अवश्य मिलना चाहिए। रिट याचिका पेंडिंग होने के बावजूद बीपीएससी ने बीएड अभ्यर्थियों के साथ धोखा किया है। बीएड और डीएलएड का एक साथ रिजल्ट प्रकाशित किया जाना चाहिए था।
जानकारी के अनुसार, इस याचिका पर बीते 20 अक्टूबर को ही चीफ जस्टिस की बेंच में सुनवाई होनी थी, लेकिन छुट्टियों के कारण 30 अक्टूबर को सुनवाई की गई। इस मामले पर अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी।