

Mahila Rojgar Yojana: बिहार की महिलाओं के लिए सोमवार का दिन आशा की नई किरण लेकर आया, जब सरकारी खजाने का मुंह उनकी आत्मनिर्भरता की राह आसान करने के लिए खुल गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक क्लिक से प्रदेश की लाखों महिलाओं के खाते में सीधी राशि भेजकर उनके सपनों को नई उड़ान दी है।
पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत प्रदेश की 25 लाख महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपये की राशि का हस्तांतरण किया। डीबीटी के माध्यम से कुल 2500 करोड़ रुपये की विशाल धनराशि जारी की गई। इस पहल का एक बड़ा हिस्सा जमुई जिले की महिलाओं को मिला, जहां 56,777 महिलाओं के खाते में सीधे पैसे पहुंचे। यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर जमुई समाहरणालय के सभा कक्ष में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। जिलाधिकारी नवीन, डीडीसी सुभाष चन्द्र मंडल, और जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) संजय कुमार समेत बड़ी संख्या में जीविका दीदियां पूरे उत्साह के साथ मौजूद थीं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह योजना जिले की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।
Mahila Rojgar Yojana बनी आत्मनिर्भरता का जरिया
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को छोटे-मोटे स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। इस योजना के तहत अब तक अकेले जमुई जिले में ही 3 लाख 22 हजार से अधिक महिलाओं को पहली क़िस्त का लाभ दिया जा चुका है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। ये महिलाएं अब किसी पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि खुद अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं।
इस कार्यक्रम में वे महिलाएं भी शामिल हुईं, जो योजना से पहले ही लाभान्वित होकर विभिन्न प्रकार की स्वरोजगार गतिविधियां शुरू कर चुकी हैं। इनमें पशुपालन, सिलाई-कढ़ाई, किराना दुकान चलाना और ब्यूटी पार्लर जैसे छोटे व्यवसाय शामिल हैं। इन सफल महिलाओं की कहानियां दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जीविका दीदियों के चेहरे पर दिखी खुशी
जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक संजय कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को 56,777 महिलाओं के खाते में डीबीटी के माध्यम से राशि सफलतापूर्वक भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि जमुई जिले में अब तक कुल 3 लाख 22 हजार 301 महिलाओं को इस योजना के तहत स्वरोजगार के लिए 10-10 हजार रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने सभी लाभुकों से आग्रह किया कि वे इस राशि का सदुपयोग कर स्वरोजगार को बढ़ावा दें और आत्मनिर्भर बनकर परिवार का सहारा बनें।
इस योजना ने न केवल महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान किया है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई दी है। अब वे घर की दहलीज लांघकर अपने हुनर को व्यवसाय में बदल रही हैं और आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह योजना वास्तव में महिला सशक्तिकरण का एक जीवंत उदाहरण है।



