Jeevika Bihar: जैसे सूखे दरख़्त पर बहार लौट आई हो, कुछ ऐसा ही तोहफा बिहार की नीतीश सरकार ने ‘जीविका’ कर्मियों को दिया है। नए साल के आगमन के साथ ही सरकार ने उनकी उम्मीदों को नए पंख लगा दिए हैं, जिससे उनके वेतन में उछाल और भविष्य की सुरक्षा का नया अध्याय शुरू हो रहा है।
Jeevika Bihar का बंपर तोहफा, नीतीश सरकार ने खोला खजाना, सैलरी बढ़ी, 5 लाख का बीमा भी!
बिहार सरकार ने राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली ‘जीविका’ (बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति) से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को एक बड़ी सौगात दी है। सरकार ने उनके मानदेय में पद के अनुसार भारी वृद्धि करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। यह फैसला सिर्फ वेतन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ ही सभी कर्मियों को 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा (मेडिक्लेम) कवर भी प्रदान किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस घोषणा के बाद से ही कर्मियों के बीच खुशी का माहौल है।
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह नया और बेहतर वेतन ढांचा 01 अप्रैल 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी होगा। इस कदम से जीविका के हर स्तर पर काम करने वाले कर्मियों को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचेगा और उनका भविष्य और भी सुरक्षित होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
Jeevika Bihar: कर्मियों के वेतनमान में हुई बंपर बढ़ोतरी
सरकार ने वेतन वृद्धि को बेहद व्यवस्थित तरीके से लागू किया है, जिसमें हर पद का ध्यान रखा गया है। विभिन्न श्रेणियों के लिए अलग-अलग प्रतिशत में वृद्धि की गई है, ताकि संगठन के हर सदस्य को इसका लाभ मिल सके।
किस पद पर कितनी बढ़ी सैलरी?
विवरण के अनुसार, निदेशक, एंटरप्राइज निदेशक, विशेष कार्यपालक अधिकारी, कार्यक्रम समन्वयक, और राज्य परियोजना प्रबंधक जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन में 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। वहीं, प्रोजेक्ट मैनेजर और प्रोग्रामर जैसे पदों पर 15 प्रतिशत, जबकि ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर और आईटी एक्जीक्यूटिव को 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सबसे बड़ी राहत जमीनी स्तर पर काम करने वाले समन्वयकों, सहायकों और गोदाम कर्मियों को दी गई है, जिनके वेतन में सीधे 30 प्रतिशत का इजाफा किया गया है। इसके अतिरिक्त, सभी ‘यंग प्रोफेशनल्स’ के वेतन में 5000 रुपये प्रति माह की एकमुश्त वृद्धि की जाएगी।
कार्यप्रणाली में भी महत्वपूर्ण बदलाव
वेतन वृद्धि के साथ-साथ सरकार ने मानव संसाधन के बेहतर उपयोग के लिए कार्यप्रणाली में भी सुधार किया है। अब एक सामुदायिक समन्वयक के जिम्मे ब्लॉक की 03 ग्राम पंचायतें होंगी, जिससे काम में और अधिक तेजी आएगी। प्रत्येक ब्लॉक में दो क्षेत्र समन्वयकों की तैनाती की जाएगी। जो अतिरिक्त कर्मी होंगे, उन्हें शहरी क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन और आजीविका संवर्धन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में लगाया जाएगा, जिनका वेतन शहरी योजनाओं के फंड से दिया जाएगा। यह कदम राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूती प्रदान करेगा। जिला और ब्लॉक स्तर पर कार्यरत दैनिक वेतन भोगियों का मानदेय श्रम संसाधन विभाग की नई अधिसूचना के आधार पर तय होगा, जबकि आउटसोर्सिंग एजेंसी से आए कर्मियों के लिए मौजूदा नियम ही प्रभावी रहेंगे। सरकार के इस फैसले से जीविका के हर तबके के पदस्थों में खुशी की लहर है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





