Kisan Registration: सर्द हवाओं के बीच प्रशासनिक तपिश सीधे किसानों के द्वार तक पहुंच गई है, जब जिले के दो सबसे बड़े अधिकारी खुद खेतों की सुध लेने निकल पड़े।
Kisan Registration के लिए सड़कों पर उतरे DM-SP, कैंपों का किया औचक निरीक्षण, दिए कई अहम निर्देश
Kisan Registration कैंपों में दिखी प्रशासनिक चुस्ती
जिले में किसानों के पंजीकरण को लेकर प्रशासनिक सक्रियता चरम पर है। जिलाधिकारी श्री नवीन और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने संयुक्त रूप से विभिन्न स्थानों पर चल रहे किसान रजिस्ट्रेशन कैंपों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि जिले के सभी अंचलों में यह अभियान 06 जनवरी से शुरू हो चुका है और प्रथम चरण 09 जनवरी तक जारी रहेगा। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को भी सुना।
डीएम ने अन्नदाताओं से विशेष आग्रह करते हुए कहा कि वे निर्धारित समय के भीतर अपना पंजीकरण अवश्य करा लें। उन्होंने कहा, “सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए यह पंजीकरण अनिवार्य है। समय पर पंजीकरण कराने से आपको भविष्य में किसी भी अतिरिक्त कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।” इस दौरान प्रखंडों के वरीय पदस्थ अधिकारी भी कैंपों का लगातार अनुश्रवण कर रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अधिकारियों की टीम ने लिया जायजा
इस महत्वपूर्ण अभियान की निगरानी के लिए एक बड़ी प्रशासनिक टीम भी मैदान में उतरी है। अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) बालमुकुंद प्रसाद, डीटीओ डॉ. सुनील कुमार, डीपीआरओ विरेन्द्र कुमार, और एसडीएम सौरव कुमार समेत कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने-अपने नामित प्रखंडों का भ्रमण कर किसान पंजीकरण कार्य का जायजा लिया। इन अधिकारियों में डीसीएलआर सुजीत कुमार, अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अनिल कुमार रमण, और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी विनोद प्रसाद भी शामिल थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। टीम ने पंजीकरण प्रक्रिया के सुगमतापूर्वक संचालन पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि किसी भी अन्नदाता को कोई परेशानी न हो। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
वरीय उप समाहर्ता सावन कुमार, नागमणि कुमार वर्मा और जिला योजना पदाधिकारी भानु प्रकाश ने भी नामित प्रखंडों का दौरा कर किसान रजिस्ट्रेशन कार्य की प्रगति को देखा और इसके सफल संचालन पर अपनी मुहर लगाई।

