

Viksit Bharat: कल तक जो हाथ काम के लिए तरसते थे, अब उन्हीं हाथों में रोजगार की गारंटी की मशाल थमाई जा रही है। यह कोई फ़िल्मी कहानी नहीं, बल्कि जमुई की वह हकीकत है जहां ग्रामीण विकास का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है, जिसका नेतृत्व खुद कलेक्टर श्री नवीन कर रहे हैं।
Viksit Bharat 2047 का लक्ष्य और रोजगार की गारंटी
जमुई कलेक्ट्रेट के सभा कक्ष में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य ‘विकसित भारत: गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी ‘जी राम जी’ योजना से हर ग्रामीण को जोड़ना था। कलेक्टर श्री नवीन ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और इस योजना को ग्रामीण विकास का नया संकल्प और रोजगार की नई गारंटी बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना विकसित भारत 2047 के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने में एक मील का पत्थर साबित होगी। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाना और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस योजना के तहत सही मायनों में ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी।
आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 से, ‘जी राम जी’ योजना के अंतर्गत प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक को एक साल में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी। यह पहल न केवल न्यूनतम आय सुरक्षा प्रदान करेगी, बल्कि बेरोजगारी, पलायन और आर्थिक अस्थिरता जैसी गंभीर समस्याओं को कम करने में भी सहायक होगी। इस योजना में सड़क निर्माण और जल संरक्षण जैसे कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
डिजिटल पारदर्शिता से रुकेगा भ्रष्टाचार
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी डिजिटल पारदर्शिता है। अब कोई भी ग्रामीण अपने मोबाइल फोन से क्यूआर कोड स्कैन करके चल रहे कार्यों की प्रगति और उससे जुड़ी तमाम जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकेगा। कलेक्टर श्री नवीन ने कार्यशाला में उपस्थित सभी पंचायतों के मुखियाओं से इस योजना का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया, ताकि कोई भी जरूरतमंद इसके लाभ से वंचित न रह जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों को योजना के प्रति सजग रहने की शपथ भी दिलाई। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें- https://deshajtimes.com/news/national/
कार्यशाला में इनकी रही मौजूदगी
कार्यशाला को संबोधित करते हुए डीडीसी सुभाष चंद्र मंडल ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे यह योजना जमीनी स्तर पर बदलाव लाने की क्षमता रखती है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर जिले के विभिन्न पंचायतों के मुखिया जी और अन्य प्रतिनिधि भी उपस्थित थे, जिन्होंने इस पहल का स्वागत किया और इसे सफल बनाने का संकल्प लिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह कार्यशाला जमुई के ग्रामीण भविष्य के लिए एक नई सुबह का संकेत है।



