Road Safety Campaign: सड़कें जब किस्मत की लकीरों को मिटाने लगें, तो समझिए कि लापरवाही की स्याही ज्यादा गाढ़ी हो गई है। जमुई में अब इसी लापरवाही पर लगाम कसने और अनमोल जिंदगियों को बचाने की महातैयारी शुरू हो गई है। गुरुवार को समाहरणालय परिसर से एक ऐसी मुहिम का आगाज हुआ, जिसका लक्ष्य सड़क हादसों पर अंकुश लगाना है।
जिलाधिकारी श्री नवीन ने सड़क सुरक्षा के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से समाहरणालय परिसर से विशेष रूप से तैयार ‘सड़क सुरक्षा अभियान रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों, कर्मियों और अन्य लोगों को सड़क सुरक्षा से संबंधित शपथ भी दिलाई गई।
क्या है प्रशासन का Road Safety Campaign
जिलाधिकारी श्री नवीन ने इस अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा, “एक सुरक्षित यातायात संस्कृति को बढ़ावा देना ही इस राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का मुख्य ध्येय है। यह समझना होगा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि यातायात नियमों का पालन करके ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों से सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि नशे की हालत में वाहन चलाना सीधे-सीधे दुर्घटना को निमंत्रण देना है, इसलिए सतर्कता और सजगता अत्यंत आवश्यक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जिलाधिकारी ने जमुई के निवासियों से इस पूरे माह चलने वाले अभियान को एक जन आंदोलन बनाने का आग्रह किया।
नियम तोड़ा तो होगी सख्त कार्रवाई: एसपी
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक (एसपी) विश्वजीत दयाल ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “सड़क पर लहरिया कट और स्टंट बाजी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हमारा उद्देश्य सही तरीके से गाड़ी चलाने वालों को प्रेरित करना और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करना है।” उन्होंने ‘रोको-टोको’ अभियान का जिक्र करते हुए बताया कि इसके तहत वाहन चालकों को गुलाब का फूल देकर उन्हें यातायात नियम का स्मरण कराया जा रहा है। एसपी ने सभी से अनुरोध किया कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
दुर्घटना लापरवाही का नतीजा, किस्मत का नहीं
जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) डॉ. सुनील कुमार ने एक बेहद महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा, “सड़क दुर्घटना किस्मत नहीं, बल्कि लापरवाही का नतीजा है। इसे रोकना हर नागरिक की नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है।” उन्होंने बताया कि 1 जनवरी से 31 जनवरी तक चलने वाले इस अभियान का एकमात्र उद्देश्य सड़क हादसों पर लगाम कसना और आम लोगों को यातायात के नियमों के प्रति जागरूक करना है। यह ‘सड़क सुरक्षा अभियान रथ’ जिले के सभी प्रखंडों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाकर लोगों तक ट्रैफिक नियमों के पालन का स्पष्ट संदेश पहुंचाएगा। इस अवसर पर डीडीसी सुभाष चंद्र मंडल, एडीएम रविकांत सिन्हा, एडीएम विभागीय जांच बालमुकुंद प्रसाद, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी विनोद प्रसाद समेत कई अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अधिकारियों की इस संयुक्त पहल से उम्मीद है कि यह अभियान जमुई में सड़क सुरक्षा की एक नई इबारत लिखेगा।

