Jamui Gold Robbery: जुर्म की स्याही से लिखी गई यह वारदात जमुई की गलियों में सन्नाटा बिखेर गई है, जहाँ अपराधियों ने कानून को अंगूठा दिखाते हुए एक स्वर्ण व्यवसायी को निशाना बनाया।
बिहार के जमुई जिले में एक बार फिर अपराधियों के बुलंद हौसलों का नजारा देखने को मिला है। शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों में से एक में एक स्वर्ण व्यवसायी से करीब 50 लाख रुपये मूल्य की सोने-चांदी और नकदी की लूट की वारदात ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है। हैरानी की बात यह है कि यह जघन्य अपराध स्थानीय थाने से महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर अंजाम दिया गया, जिससे पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं। हथियारबंद लुटेरों ने न सिर्फ लूट को अंजाम दिया, बल्कि विरोध करने पर व्यवसायी को गंभीर रूप से घायल भी कर दिया।
यह दिल दहला देने वाली वारदात जमुई–मलयपुर मुख्य मार्ग पर आंजन नदी पुल के समीप हुई। यह क्षेत्र अपनी दैनिक गतिविधियों के कारण अपेक्षाकृत भीड़भाड़ वाला रहता है, जहाँ से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। इसके बावजूद, सात हथियारबंद बदमाशों ने पूरी योजना के साथ इस घटना को अंजाम दिया। वारदात शुक्रवार की रात की बताई जा रही है, जब स्वर्ण व्यवसायी अपने दैनिक व्यावसायिक कार्यों के सिलसिले में घर से निकले थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पीड़ित स्वर्ण व्यवसायी की पहचान शहर के पुरानी बाजार निवासी 35 वर्षीय विक्रम उर्फ विक्की सोनी के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि वह थोक में सोना और चांदी का कारोबार करते हैं और वारदात के दिन भी वह रोज की तरह बाइक से जमुई रेलवे स्टेशन की ओर जा रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक आंजन नदी पुल के पास पहुंची, तभी दो बाइकों पर सवार छह नकाबपोश हथियारबंद बदमाश और एक अन्य अपराधी ऑटो से वहाँ आ धमके। अपराधियों ने उनकी बाइक को चारों ओर से घेर लिया और हथियारों का भय दिखाकर लूटपाट शुरू कर दी।
Jamui Gold Robbery: जमुई में पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठते सवाल
जब व्यवसायी विक्रम ने लूट का विरोध करने का साहस किया, तो अपराधियों ने बिना किसी झिझक के हथियार के बट से उनके सिर पर जोरदार हमला कर दिया। इस हमले से वे गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही गिर पड़े। इसके बाद लुटेरों ने उनके पास मौजूद करीब 50 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी और नकदी को पलक झपकते ही लूट लिया और अँधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पूरी घटना कुछ ही मिनटों में अंजाम दी गई, जिससे आस-पास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही बदमाश मौके से निकल चुके थे।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जिले के पुलिस अधीक्षक स्वयं तुरंत घटनास्थल पर पहुँचे और स्थिति का जायजा लिया। थाना अध्यक्ष और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ उन्होंने घायल व्यवसायी को तत्काल अस्पताल भिजवाया। अस्पताल पहुँचकर पुलिस अधीक्षक ने घायल का हालचाल जाना और उनसे पूरी घटना की विस्तृत जानकारी ली। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास गहन छानबीन शुरू की और अपराधियों को पकड़ने के लिए संभावित रास्तों पर सघन नाकाबंदी भी की गई। बिहार में अपराध की बढ़ती घटनाओं के बीच इस वारदात ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह लूट की वारदात पूरी तरह से सुनियोजित प्रतीत होती है। ऐसा लगता है कि अपराधियों को व्यवसायी की दैनिक गतिविधियों और उनके पास मौजूद कीमती सामान की जानकारी पहले से ही थी। पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि कोई सुराग मिल सके। साथ ही, स्थानीय स्तर पर सक्रिय अपराधियों के नेटवर्क की भी गहन जाँच की जा रही है। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस वारदात में किसी अंदरूनी व्यक्ति की कोई भूमिका रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
इलाके में दहशत और व्यापारियों का आक्रोश
इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में भय और दहशत का माहौल व्याप्त है। स्थानीय व्यवसायियों और आम लोगों में असुरक्षा की भावना तेजी से बढ़ गई है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि जब थाने से इतनी कम दूरी पर इस तरह की बड़ी और दुस्साहसिक लूट को अंजाम दिया जा सकता है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था कितनी कमजोर है, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। व्यापारियों ने एकजुट होकर पुलिस प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था को अविलंब मजबूत करने और शहर में नियमित गश्त बढ़ाने की पुरजोर मांग की है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह घटना दर्शाती है कि बिहार में अपराध पर लगाम कसना कितना ज़रूरी है।

