Makar Sankranti: जैसे तिल में मिठास और गुड़ में स्वाद घुलता है, वैसे ही जमुई की फिजाओं में संस्कृति का रंग घुलने को तैयार है। जिला प्रशासन ने मकर संक्रांति के पावन अवसर पर एक भव्य महोत्सव के आयोजन का ऐलान किया है, जिसमें स्थानीय प्रतिभाओं को अपना हुनर दिखाने का सुनहरा मौका मिलेगा।
जमुई के जिलाधिकारी नवीन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत, जिला प्रशासन 14 जनवरी को स्थानीय श्रीकृष्ण सिंह स्टेडियम में एक दिवसीय मकर संक्रांति महोत्सव का आयोजन कर रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जिले की कला और संस्कृति को बढ़ावा देना और उदीयमान कलाकारों को एक मंच प्रदान करना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Makar Sankranti महोत्सव में क्या होगा खास?
जिलाधिकारी के अनुसार, इस महोत्सव में कुल चार विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनमें मेहंदी प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता, समूह लोक नृत्य और समूह लोक गायन शामिल हैं। इन सभी प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा। यह महोत्सव जिले में नई ऊर्जा के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा, जिससे नवोदित फनकार अपनी एक अलग पहचान बना सकेंगे।
इस महोत्सव की खास बात यह है कि इसमें बेटियां और महिलाएं भी अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए विशेष रूप से प्रोत्साहित की जा रही हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। डीएम ने कहा कि यह पर्व समृद्धि, नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संदेश देता है और इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकार ने यह पहल की है।
कैसे करें महोत्सव के लिए आवेदन?
महोत्सव में भाग लेने के इच्छुक कलाकार या समूह जिला कला एवं संस्कृति विभाग के कार्यालय से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, जमुई जिले की आधिकारिक वेबसाइट से भी आवेदन पत्र डाउनलोड करने की सुविधा उपलब्ध है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सभी प्रतिभागियों को अपना आवेदन पत्र भरकर 12 जनवरी तक जमा करना होगा, क्योंकि यह आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।
श्री नवीन ने मकर संक्रांति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भारतीय संस्कृति का एक पवित्र त्यौहार है, जो सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है। इसे फसल कटाई के उत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। उन्होंने जिले के सभी लोगों, विशेषकर युवा कलाकारों से इस महोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की ताकि एकता, सद्भाव और खुशी का यह पर्व सार्थक हो सके।

