
Jamui News: आस्था का सैलाब जब सड़कों पर उतरा तो पूरा शहर ही मानो भगवा सागर में तब्दील हो गया। रामनवमी के पावन अवसर पर पुरुषोत्तम श्रीराम के जन्मोत्सव को लेकर जमुई की धरती जय श्रीराम के जयकारों से गुंजायमान हो उठी और संपूर्ण सनातन समाज उत्साह और उल्लास में सराबोर नजर आया।
महावीर दल के तत्वावधान में शहर में एक भव्य एवं आकर्षक शोभा यात्रा का आयोजन किया गया, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। यह यात्रा महाराजगंज से आरंभ होकर निर्धारित मार्गों से होते हुए कचहरी चौक पर संपन्न हुई। इस दौरान पूरा शहरी क्षेत्र भगवा ध्वज और आकर्षक सजावट से पटा हुआ दिखाई दिया। भगवान श्रीराम और बजरंगबली के विशाल कटआउट लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने रहे।
Jamui News: अखाड़ों के करतब देख दंग रह गए लोग
शोभा यात्रा में शामिल विभिन्न अखाड़ों ने अपने हैरतअंगेज करतबों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक शस्त्रों के साथ तलवारबाजी, दंड प्रदर्शन और अन्य शारीरिक करतबों को देखकर श्रद्धालुओं ने दांतों तले उंगलियां दबा लीं। ढोल, नगाड़े और ताशे की गूंज पर राम भक्त झूमते-गाते हुए आगे बढ़ रहे थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। भगवा ध्वज थामे भक्त और मातृशक्ति का गौरव देखते ही बन रहा था। नागरिकों ने भी अपने घरों की छतों से शोभा यात्रा पर पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन किया।
इस भव्य रामनवमी जुलूस में अखाड़ों की टोलियां पारंपरिक वेशभूषा, बजरंगी पताका और अनुशासित स्वरूप में शामिल हुईं, जिसने शोभायात्रा की भव्यता में चार चांद लगा दिए। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम, हनुमान जी की आकर्षक झांकियों और पारंपरिक शस्त्रों के प्रदर्शन ने लोगों का मन मोह लिया। यात्रा के समापन पर मंदिर में महा आरती का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम
रामनवमी के पर्व को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर रही। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों पर विशेष चौकसी बरती गई और त्वरित प्रतिक्रिया दलों (QRT) को भी सक्रिय रखा गया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जुलूस के पूरे मार्ग पर सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से कड़ी निगरानी की जा रही थी।
इसके अतिरिक्त, शहर के सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर स्टैटिक पुलिस पदाधिकारियों और दंडाधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित की गई थी। जिला मुख्यालय में बने कंट्रोल रूम के माध्यम से शहरी और अंचल क्षेत्रों की हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही थी। समाचार लिखे जाने तक किसी भी तरह की कोई अप्रिय वारदात की सूचना नहीं है, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली।



