
रिश्वतखोरी: बिहार के जमुई जिले में निगरानी विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। सिकंदरा नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी संतोष कुमार को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 50 हजार रुपये की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और प्रशासन में ईमानदारी पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
संवाद सूत्र, सिकंदरा (जमुई): जमुई जिले के सिकंदरा नगर पंचायत में मंगलवार को निगरानी विभाग की विशेष इकाई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कार्यपालक पदाधिकारी संतोष कुमार को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें सिकंदरा थाना ले जाया गया, जहां निगरानी डीएसपी समेत अन्य अधिकारी उनसे देर शाम तक पूछताछ करते रहे। यह कार्रवाई शिकायतकर्ता राजेश कुमार मिश्रा की लिखित शिकायत पर आधारित थी, जिन्होंने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रति फाइल 2500 रुपये के हिसाब से कुल 1,62,500 रुपये की मांग की जा रही थी। पैसे न देने पर काम रोकने की धमकी भी दी गई थी।
कैसे बिछाया गया जाल और पकड़े गए रिश्वतखोर?
शिकायत की सत्यता जांचने के बाद, निगरानी टीम ने पूरी रणनीति बनाई और जाल बिछाया। जैसे ही संतोष कुमार ने 50 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान स्वच्छता साथी सोनू कुमार को भी निगरानी टीम ने ट्रैप किया। गिरफ्तारी के बाद अधिकारी को कड़ी सुरक्षा में रखा गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
कौन हैं गिरफ्तार अधिकारी और उनका पुराना रिकॉर्ड?
बताया गया है कि गिरफ्तार कार्यपालक पदाधिकारी संतोष कुमार बीपीएससी 67वीं बैच के अधिकारी हैं। वे सितंबर 2025 में पूर्णिया जिले के अमौर नगर पंचायत से स्थानांतरित होकर सिकंदरा आए थे। यह पहली बार नहीं है जब सिकंदरा में किसी सरकारी अधिकारी पर निगरानी विभाग ने कार्रवाई की हो। इससे पहले भी सिकंदरा में अंचलाधिकारी, कार्यक्रम पदाधिकारी, बीईओ और सीडीपीओ कार्यालय के कर्मी निगरानी के हत्थे चढ़ चुके हैं। इस ताजा कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और अधिकारियों में भय का माहौल है। रिश्वतखोरी के ऐसे मामले सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करते हैं। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि पूछताछ के आधार पर और भी कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







