
Shaheed Diwas पर जमुई में गूंजा इंकलाब, भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को किया गया नमन, जानिए किसने क्या कहा
Shaheed Diwas: जैसे स्याही कलम के लिए और धड़कन दिल के लिए जरूरी है, वैसे ही एक राष्ट्र की आत्मा के लिए अपने वीरों की याद जरूरी है। इसी भावना के साथ जमुई में मां भारती के अमर सपूतों को याद किया गया, जब पूरा माहौल ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारों से गूंज उठा।
जमुई स्थित जिला विधिज्ञ संघ परिसर में शहीद दिवस के अवसर पर एक भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पत्रकार संघ की स्थानीय इकाई ने मुख्य भूमिका निभाई, जिसका उद्देश्य भारत के महान स्वतंत्रता सेनानियों और अमर बलिदानियों- भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को नमन करना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता पत्रकार संघ के महासचिव रूपेश कुमार सिंह ने की, जबकि मंच का सफल संचालन इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य डॉ. निरंजन कुमार ने किया। इस मौके पर उपस्थित सभी गणमान्य लोगों ने अमर शहीदों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
Shaheed Diwas पर वक्ताओं ने रखे अपने विचार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार स्टेट बार काउंसिल के सदस्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता शर्मा चंद्रेश्वर उपाध्याय ने कहा कि इन महान नायकों का बलिदान भारत की सामूहिक स्मृति में हमेशा के लिए अंकित हो चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बहुत कम उम्र में ही इन वीरों ने भारत की स्वतंत्रता के प्रति जो अटूट प्रतिबद्धता दिखाई, वह आज भी युवाओं के लिए एक मिसाल है। औपनिवेशिक शासन से डरे बिना, उन्होंने बलिदान का मार्ग चुना और राष्ट्र को अपने जीवन से ऊपर रखा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उनके न्याय, देशभक्ति और निडर प्रतिरोध के आदर्श आज भी अनगिनत भारतीयों को प्रेरित कर रहे हैं।
जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष सीताराम सिंह ने कहा कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव का शौर्य और राष्ट्र प्रेम आज भी लोगों में जोश भर देता है। उन्होंने कहा कि इन महान क्रांतिकारियों का त्याग और समर्पण देश की युवा पीढ़ी के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए हमें इन शहीदों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
अमर बलिदानियों का त्याग युवाओं के लिए प्रेरणा
वहीं, जिला विधिज्ञ संघ के महासचिव अमित कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव केवल तीन नाम नहीं, बल्कि एक अमर विचारधारा हैं। उनका बलिदान हमें आजादी के वास्तविक मूल्यों को समझने का संदेश देता है और साथ ही देश के प्रति हमारे कर्तव्यों की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए यह संकल्प लेने का दिन है कि हम इन महान स्वतंत्रता सेनानी के बताए मार्ग पर चलकर राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देंगे।
इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता धीरेन्द्र कुमार सिंह, मकेश्वर यादव, चैंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रदेव सिंह, चिकित्सक डॉ. विशाल आनंद सिंह, समाजसेवी झून्ना सिंह समेत कई अन्य वक्ताओं ने भी अमर बलिदानियों को याद करते हुए अपने विचार रखे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वकील, पत्रकार, चिकित्सक और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे, जिन्होंने भारत माता के वीर सपूतों को अपना श्रद्धा-सुमन अर्पित किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह कार्यक्रम लंबे समय तक याद रखा जाएगा।


