
Jamui Fire: ज़िंदगी के कच्चे धागे, एक चिंगारी और दो नन्हीं जानें, किस्मत का ऐसा क्रूर खेल जमुई जिले के कुमरतरी गांव में देखने को मिला, जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।
Jamui Fire: जमुई में दिल दहला देने वाली आग, झोपड़ी में झुलसकर दो मासूमों की दर्दनाक मौत, पूरे गांव में मातम
Jamui Fire: क्या थी घटना की वजह?
यह हृदयविदारक घटना जमुई जिले के बरहट थाना क्षेत्र के कुमरतरी गांव की है। शुक्रवार दोपहर नियति ने अपना क्रूर खेल रचा। गांव के ही विजय कोड़ा की पांच वर्षीय बेटी अनिता कुमारी और एक वर्षीय बेटे मनीष कुमार को यह नहीं पता था कि यह दोपहर उनकी जिंदगी की आखिरी होगी। उनकी मां बर्तन साफ करने के लिए नदी किनारे गई हुई थी। बच्चों को उसने खलियान में बनी एक झोपड़ीनुमा संरचना के पास छोड़ दिया था, जहां पास में ही पुआल का ढेर लगा था।
खेल-खेल में अनिता की नजर झोपड़ी में रखी माचिस पर पड़ी। एक मासूम जिज्ञासा में उसने माचिस की तीली जलाई और पल भर में पास रखे पुआल ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग ने पूरी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटों में घिरे अपने छोटे भाई को बचाने की कोशिश में अनिता खुद भी गंभीर रूप से झुलस गई। पास में मौजूद उनका एक और भाई इस भयावह दृश्य को देख सहम गया और अपनी मां को बुलाने के लिए नदी की ओर दौड़ा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जब तक मां मौके पर पहुंची, तब तक दोनों बच्चे आग की भीषण चपेट में आ चुके थे।
ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चों को किसी तरह बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। इस हृदयविदारक हादसे के बाद पूरे कुमरतरी गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। इस मासूमों की मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
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पुलिस और प्रशासन का त्वरित कदम
शनिवार सुबह ग्रामीणों ने इस दुखद घटना की सूचना बरहट थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष कुमार संजीव, एसआई सुमन कुमारी और शुभम झा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की और दोनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।
ग्राम पंचायत की मुखिया जितनी देवी ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और अंतिम संस्कार के लिए तत्काल 10 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की। मृतक बच्चे कुल चार भाई और एक बहन थे। थानाध्यक्ष कुमार संजीव ने बताया कि पुलिस इस मामले में हरसंभव सरकारी सहायता दिलाने का प्रयास करेगी। इस हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


