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मार्च, 3, 2026
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Jehanabad News: अमथुआ में दीदी की रसोई का आगाज, छात्राओं को मिलेगा पौष्टिक आहार और नया स्वावलंबन

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Jehanabad News: कभी-कभी एक छोटा कदम भी बदलाव की एक बड़ी इबारत लिख जाता है। ऐसा ही एक प्रेरक कदम उठाया गया है जहानाबाद के अमथुआ में, जो न केवल छात्राओं को पौष्टिक आहार देगा, बल्कि उनके उज्जवल भविष्य की नींव भी मजबूत करेगा।

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Jehanabad News: दीदी की रसोई से बदलेगी छात्राओं की तकदीर

Jehanabad News: डीएम अलंकृता पाण्डेय के दूरदर्शी निर्देशों पर अमल करते हुए, जहानाबाद जिले के अमथुआ स्थित पिछड़ा-अतिपिछड़ा कन्या उच्च विद्यालय में “दीदी की रसोई” का औपचारिक शुभारंभ किया गया है। इस महत्वाकांक्षी पहल का उद्घाटन डीडीसी डॉ. प्रीति द्वारा किया गया, जिसका उद्देश्य छात्राओं को पौष्टिक और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना है। यह सिर्फ एक रसोई नहीं, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बल्कि छात्राओं के स्वास्थ्य और शिक्षा के प्रति समर्पण का प्रतीक है।

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इस अनूठी पहल से न केवल छात्राओं को संतुलित आहार मिलेगा, बल्कि यह उनके शारीरिक और मानसिक विकास में भी सहायक होगा। अक्सर देखा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ऐसे सहयोगी कदमों की बेहद आवश्यकता होती है। दीदी की रसोई इस दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

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इस रसोई के माध्यम से विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं को निर्धारित समय पर ताजा और गुणवत्तापूर्ण भोजन परोसा जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भोजन बनाते समय स्वच्छता और पौष्टिकता का विशेष ध्यान रखा जाए। इस पहल से छात्राओं की उपस्थिति में सुधार होने और उनके बीच कुपोषण की समस्या को कम करने में भी मदद मिलेगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/

डीएम और डीडीसी की पहल, सशक्तिकरण की नई दिशा

डीएम अलंकृता पाण्डेय ने इस परियोजना की कल्पना की थी ताकि पिछड़े और अति-पिछड़े वर्ग की छात्राओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। डीडीसी डॉ. प्रीति ने उद्घाटन के अवसर पर कहा कि यह रसोई छात्राओं को आत्मनिर्भरता की ओर भी प्रेरित करेगी, क्योंकि इसके संचालन में स्थानीय महिलाओं को भी जोड़ा जा सकता है। यह कदम समुदाय आधारित विकास और महिला सशक्तिकरण का एक बेहतरीन उदाहरण है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस पहल से विद्यालय परिसर में एक सकारात्मक और पोषण-युक्त वातावरण का निर्माण होगा, जो अंततः छात्राओं के समग्र विकास में सहायक सिद्ध होगा।

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