
Police Encounter in Bihar: बिहार के जहानाबाद से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है, जहां पुलिस को एक हत्या के आरोपी के साथ मुठभेड़ करनी पड़ी। इस दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर ही फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई और हत्या का आरोपी घायल हो गया। यह घटना देर रात हथियार बरामदगी के दौरान हुई।
Police Encounter in Bihar: आरोपी ने पुलिस पर चलाई गोली
जहानाबाद। जहानाबाद पुलिस ने दीपक कुमार नामक युवक की हत्या के आरोपी बिक्कू सिंह को पुलिस एनकाउंटर के दौरान गोली मारकर घायल कर दिया है। यह घटना देर रात घोसी थाना क्षेत्र के धुरियारी गांव के निकट नहर किनारे उस समय हुई, जब पुलिस आरोपी बिक्कू सिंह को हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद कराने के लिए ले गई थी। आरोपी ने मौका पाते ही हथियार निकाला और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। अपराधी की गोली घोसी थाना प्रभारी की गाड़ी में लगी, जिससे गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई।
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अपराधी बिक्कू सिंह के बाएं पैर में गोली मारी, जिससे वह वहीं गिर गया। घायल अपराधी को तुरंत पीएचसी घोसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जहानाबाद सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस पूरे मामले पर जहानाबाद के एएसपी मनोज कुमार पांडे ने विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले हुई दीपक कुमार की हत्या के मामले में बिक्कू सिंह को गिरफ्तार किया गया था। उसकी निशानदेही पर ही पुलिस हथियार की बरामदगी के लिए गई थी। जब बिक्कू सिंह ने छिपाया हुआ हथियार निकाला, तो उसने उसी से पुलिस पर फायरिंग कर दी और भागने का प्रयास किया।
यह घटना बिहार में बढ़ते अपराध समाचारों के बीच पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है। पुलिस प्रशासन ने बताया कि अपराधी की फायरिंग से निकली गोली घोसी थाना प्रभारी की गाड़ी पर लगी थी। इसके बाद पुलिस को मजबूरी में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। इस तरह की घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि अपराधियों में पुलिस का खौफ कम होता जा रहा है।
सदर अस्पताल में कड़ी सुरक्षा और पुराना विवाद
जहानाबाद सदर अस्पताल को इस घटना के बाद छावनी में बदल दिया गया है। वहां मीडिया को जाने की इजाजत नहीं है और इलाज कराने आने वाले मरीजों को भी कड़ी पूछताछ के बाद ही अस्पताल में प्रवेश दिया जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। याद दिला दें कि दो दिन पहले दीपक कुमार की हत्या के बाद सदर अस्पताल में भारी हंगामा हुआ था। उस समय डॉक्टर शव का पोस्टमार्टम पीएमसीएच पटना में कराने पर अड़े थे, जबकि पुलिस और मृतक के परिजन जहानाबाद में ही पोस्टमार्टम करवाना चाहते थे।
उस हंगामे के दौरान पुलिस पर डॉक्टरों से बदसलूकी का आरोप भी लगा था, जिसके विरोध में इमरजेंसी के डॉक्टरों ने अस्पताल छोड़ दिया था और आपातकालीन सेवा बाधित हुई थी। अगले दिन ओपीडी सेवा भी चार घंटे तक बंद रही थी, जिसे बाद में पुलिस प्रशासन और डॉक्टरों के बीच समझौते के बाद बहाल किया जा सका। यह एक गंभीर अपराध समाचार है, जो राज्य में कानून-व्यवस्था की चुनौती को सामने लाता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







