



Traffic Jam: नगर पंचायत मुख्यालय की सर्विस सड़क पर जाम लगना अब आम बात हो चुकी है, मानो यह सड़क नहीं, ट्रैफिक की जंजीरों में जकड़ी एक ऐसी व्यवस्था है जिससे मुक्ति असंभव सी लगती है।
सर्विस सड़क पर Traffic Jam: मुख्यालय की लाइफलाइन पर संकट
कैमूर जिले के एक नगर पंचायत मुख्यालय में सर्विस सड़क का हाल बद से बदतर होता जा रहा है। कभी सुचारु यातायात के लिए बनी यह सड़क अब पूरी तरह से टैक्सी स्टैंड में तब्दील हो चुकी है, जिसके कारण यहां प्रतिदिन घंटों भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है। सुबह से शाम तक, खासकर व्यस्त समय में, इस सड़क से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है। स्कूल जाने वाले बच्चे, दफ्तर जाने वाले कर्मचारी और स्थानीय दुकानदार सभी इस समस्या से जूझ रहे हैं। यह समस्या केवल एक-दो दिन की नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही है, जिसने स्थानीय लोगों के जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
टैक्सी चालकों द्वारा मनमाने तरीके से वाहनों को खड़ा करना और सवारियां उतारना-चढ़ाना इस जाम का मुख्य कारण है। सर्विस सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे पैदल चलने वालों के लिए भी जगह नहीं बचती। स्थानीय प्रशासन और यातायात पुलिस की शिथिलता के कारण यहां अनधिकृत पार्किंग दिनोंदिन बढ़ती जा रही है, जिस पर कोई लगाम नहीं दिख रही। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस अव्यवस्था से न सिर्फ समय बर्बाद होता है बल्कि ईंधन की खपत भी बढ़ती है और ध्वनि प्रदूषण भी चरम पर पहुंच जाता है।
प्रशासनिक उपेक्षा का खामियाजा भुगत रहे लोग
यह विडंबना ही है कि नगर पंचायत मुख्यालय जैसी महत्वपूर्ण जगह पर ऐसी लापरवाही बरती जा रही है। सर्विस सड़क, जिसे मुख्य मार्ग पर दबाव कम करने के लिए बनाया गया था, आज खुद समस्याओं का केंद्र बन गई है। टैक्सी चालकों को कहीं और वैकल्पिक पार्किंग की सुविधा नहीं मिलने का बहाना तो है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे सार्वजनिक मार्ग को अवरुद्ध करें। स्थानीय दुकानदारों का व्यापार भी इस जाम के कारण प्रभावित हो रहा है क्योंकि ग्राहक जाम से बचने के लिए इस रास्ते पर आने से कतराते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
स्थानीय निवासियों और यात्रियों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने और स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। उनकी मांग है कि टैक्सी चालकों के लिए एक व्यवस्थित स्टैंड का निर्धारण किया जाए और सर्विस सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। इसके साथ ही, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। जब तक ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक यह Traffic Jam लोगों के लिए सिरदर्द बना रहेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


