Kishanganj News: उत्सवों का रंग जब स्थानीय माटी की खुशबू और आत्मनिर्भरता के संकल्प से मिलता है, तो वह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक प्रेरणा का पर्व बन जाता है। किशनगंज में ऐसा ही एक अनोखा संगम देखने को मिला, जहाँ प्रशासन और जनभागीदारी ने मिलकर एक नई मिसाल कायम की।
किशनगंज। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगरी किशनगंज ने अपने स्थापना दिवस के अवसर पर एक भव्य और प्रेरणादायक समारोह का आयोजन किया। इस गरिमामय आयोजन का मुख्य आकर्षण जीविका दीदियों द्वारा लगाए गए विशेष स्टॉल रहे, जहाँ उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और उद्यमशीलता का प्रदर्शन किया।

जिलाधिकारी विशाल राज ने स्वयं इन स्टॉलों का निरीक्षण कर न केवल दीदियों के प्रयासों की सराहना की, बल्कि उनकी “दीदी की रसोई” में तैयार किए गए स्वादिष्ट नाश्ते का भी आनंद लिया। यह पल स्थानीय महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा गया, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
किशनगंज न्यूज़: जीविका स्टॉलों पर उमड़ी भीड़, डीएम ने की सराहना
जिला स्थापना दिवस के मौके पर जीविका के स्टॉलों पर किशनगंजवासियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जिलाधिकारी श्री विशाल राज ने जीविका दीदियों की रसोई का बारीकी से मुआयना किया और उनसे उनके उत्पादों के बारे में जानकारी ली। दीदियों ने अपने हाथों से तैयार किए गए ताज़े और पौष्टिक पकवानों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। ख़ासकर, महानंदा लीफ चायपत्ती से बनी कड़क और खुशबूदार चाय ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि सही अवसर और थोड़ी सी सहायता मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं। जिलाधिकारी महोदय ने दीदियों के इस प्रयास को सराहा और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। यह आयोजन केवल स्वाद और मनोरंजन का साधन नहीं था, बल्कि यह आत्मनिर्भर महिला शक्ति, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन और स्वावलंबन की एक प्रेरणादायक झलक प्रस्तुत करता है। इस तरह के आयोजनों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है और महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
स्थानीय स्वावलंबन की मिसाल बनी जीविका दीदियाँ
जीविका समूह बिहार में ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का एक सशक्त माध्यम बन गया है। किशनगंज में भी जीविका दीदियाँ विभिन्न प्रकार के छोटे व्यवसायों और उद्यमों के माध्यम से अपनी पहचान बना रही हैं। उनके द्वारा तैयार किए गए स्थानीय उत्पाद न केवल गुणवत्ता में श्रेष्ठ होते हैं, बल्कि वे क्षेत्र की संस्कृति और परंपराओं का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। यह कार्यक्रम एक संदेश देता है कि जब महिलाएं संगठित होती हैं और उन्हें सही मार्गदर्शन मिलता है, तो वे समाज और परिवार दोनों के लिए आर्थिक और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जिलाधिकारी ने इस पहल को राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन बताया, जो जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम दे रही है। यह आयोजन एक बार फिर यह सिद्ध करता है कि सहभागिता और सामूहिक प्रयास से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


You must be logged in to post a comment.