back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 28, 2026
spot_img

Kishanganj News: अवैध खनन का जिन्न बोतल से बाहर,… नदियों से रेत का सोना, अवैध साम्राज्य और पर्यावरण का चीत्कार

spot_img
- Advertisement - Advertisement

अवैध खनन: नदियों का सीना चीर, प्रकृति से छेड़छाड़ का सिलसिला किशनगंज में थम नहीं रहा। लाल कार्ड वाली जमीन पर, एनजीटी के सख्त प्रतिबंधों को धत्ता बताकर, रेत माफिया ने एक बार फिर अपनी जड़ें जमा ली हैं।

- Advertisement -

किशनगंज में अवैध खनन: नदियों से रेत का अवैध साम्राज्य और पर्यावरण का चीत्कार

किशनगंज जिले में एक बार फिर अवैध खनन का जिन्न बोतल से बाहर आ गया है। कोचाधामन प्रखंड के अंतर्गत बड़ी पुल के समीप बगलबाड़ी पंचायत में, जहां राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने नदी की धार से जुड़ी लाल कार्ड वाली जमीनों पर स्पष्ट प्रतिबंध लगा रखा है, वहां धड़ल्ले से बड़े पैमाने पर खनन जारी है। यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1, पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका है।

- Advertisement -

कोचाधामन में अवैध खनन: NGT का आदेश, हवा में क्यों?

एनजीटी का आदेश स्पष्ट है – नदी की पारिस्थितिकी को बचाने के लिए लाल कार्ड वाली जमीनों पर खनन पर पूरी तरह से रोक है। इसके बावजूद, रेत माफिया दिन-रात जेसीबी मशीनों और अन्य भारी उपकरणों का इस्तेमाल कर नदी के किनारे की मिट्टी और रेत निकाल रहे हैं। इससे नदियों का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है और आने वाले समय में भीषण पर्यावरण प्रदूषण का खतरा मंडरा रहा है। इस अनियंत्रित खुदाई से नदी का जलस्तर प्रभावित हो रहा है और जलीय जीवन पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।

- Advertisement -

नदी की धारा से छेड़छाड़ के दूरगामी परिणाम सामने आ सकते हैं। स्थानीय लोगों के लिए बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है, वहीं उपजाऊ कृषि भूमि का क्षरण भी एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस अवैध कारोबार में संलिप्त लोग नियमों को ताक पर रखकर अपनी जेब भर रहे हैं, जबकि स्थानीय प्रशासन इस पर लगाम लगाने में विफल दिख रहा है।

पर्यावरण संतुलन पर गहराता संकट

लगातार जारी अवैध खनन के कारण पर्यावरण संतुलन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है, और नदी के कटाव से आसपास के गांवों को गंभीर खतरा है। मिट्टी के कटाव से कृषि योग्य भूमि बंजर होती जा रही है, जिसका सीधा असर किसानों की आजीविका पर पड़ रहा है। यह पर्यावरण प्रदूषण एक गंभीर चुनौती बन चुका है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।

प्रशासन की चुप्पी या मिलीभगत पर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या सरकार और संबंधित विभाग इस अवैध कारोबार को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाएंगे या फिर प्रकृति का यह चीत्कार अनसुना ही रह जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

भारत में Scrambler Bikes: परफॉर्मेंस और स्टाइल का परफेक्ट कॉम्बिनेशन

Scrambler Bikes: शहर की सड़कों पर राज करने और हल्की ऑफ-रोडिंग का रोमांच महसूस...

बहुप्रतीक्षित ‘Ranabali’ का नया गाना ‘ओ मेरे साजन’ हुआ रिलीज, देखें विजय-रश्मिका की शाही केमिस्ट्री

Ranabali: साउथ सिनेमा के प्रशंसकों के लिए एक बड़ी खबर है। बहुप्रतीक्षित फिल्म 'राणाबाली'...

Kal Ka Rashifal: 01 मार्च 2026, रविवार का दिन आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा?

Kal Ka Rashifal: अध्यात्म के गहन सागर में डुबकी लगाकर, ग्रहों की चाल और...

Ranabali फिल्म का ‘ओ मेरे साजन’ गाना हुआ रिलीज, विजय देवरकोंडा और रश्मिका की केमिस्ट्री ने जीता दिल!

Ranabali News: साउथ सिनेमा के गलियारों से एक धमाकेदार खबर सामने आई है, जिसने...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें