

Kishanganj News: निगरानी का जाल बिछा और घूसखोर मछलियां फंस गईं। बिहार में लगातार कार्रवाई के बावजूद कुछ सरकारी कर्मचारी अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं, लेकिन कानून के लंबे हाथ उन तक पहुंच ही जाते हैं।
Kishanganj News: खनन विभाग में मचा हड़कंप, चाय की दुकान पर घूस लेते रंगे हाथ पकड़े गए क्लर्क और चपरासी
Kishanganj News: बिहार के किशनगंज जिले में भ्रष्टाचार पर निगरानी विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मंगलवार को जिले के खनन विभाग में पदस्थापित एक प्रधान लिपिक और एक चपरासी को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया गया। दोनों की गिरफ्तारी शहर के टाउन थाना क्षेत्र स्थित दुमुरिया में एक चाय की दुकान से हुई, जहां वे शिकायतकर्ता से पैसे ले रहे थे। इस कार्रवाई के बाद पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान खनन विभाग के प्रधान लिपिक अशोक कुमार चौधरी और चपरासी सरोज कुमार सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मोहम्मद हबीब आलम नामक एक व्यक्ति ने पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी कि दोनों कर्मचारी उनसे काम के एवज में रिश्वत की मांग कर रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। शिकायत के सत्यापन के बाद विभाग ने एक विशेष टीम का गठन किया।
Kishanganj News: चाय की दुकान पर बिछाया गया था जाल
पटना से आई सतर्कता विभाग की टीम ने अपनी योजना के तहत शिकायतकर्ता मोहम्मद हबीब आलम को पैसे लेकर दोनों कर्मचारियों के पास भेजा। जैसे ही दुमुरिया स्थित चाय की दुकान पर प्रधान लिपिक अशोक कुमार चौधरी ने 8 हजार रुपये और चपरासी सरोज कुमार सिंह ने 7 हजार रुपये अपने हाथ में लिए, टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। भ्रष्टाचार के खिलाफ इस सफल ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि गलत काम का नतीजा गलत ही होता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
रंगे हाथ पकडे जाने के बाद दोनों आरोपी हक्के-बक्के रह गए। टीम ने तुरंत दोनों को हिरासत में ले लिया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
डीएसपी ने की गिरफ्तारी की पुष्टि
निगरानी विभाग के डीएसपी मोहम्मद आसिफ इकबाल अंसारी ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता की सूचना पर यह कार्रवाई की गई और दोनों आरोपियों को रिश्वत की राशि के साथ गिरफ्तार किया गया है। उन पर अवैध धन रखने का भी आरोप है। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को भागलपुर स्थित निगरानी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।




