
भागलपुर से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है जहां बुधवार को 13409 डाउन किऊल-मालदा इंटरसिटी एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होने से बच गई। हालांकि, इस दौरान चलती ट्रेन दो हिस्सों में बंट जाने से चार बोगी पीछे छूट गई और इंजन कुछ बोगियों को लेकर आगे चला गया।
जानकारी के अनुसार मालदा से क्यूल जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस सुल्तानगंज तक ठीक तरह से आई। लेकिन, सुल्तान गंज रेलवे स्टेशन से ट्रेन खुलने के बाद कुछ दूरी तय करने के बाद दो भागों में बंट गई। ट्रेन का चार बोगी पीछे से बाकी बोगी से खुल कर अलग हो गया। पढ़िए पूरी खबर
इंजन बाकी बोगी को लेकर आगे बढ गई। वहीं, सूचना के बाद ड्राइवर ने गाड़ी रोकते हुए इसकी सूचना कंट्रोल को दी। जिसके बाद ट्रेन के कपलिंग को फिर से जोड़ने की कवायद शुरू की गई। इधर, लोग रुकी हुई बोगी में से जैसे-तैसे उतरने लगे। हालांकि 100 मीटर आगे जाते ही इंजन को रोक लिया गया और बोगियों को जोड़ा। इस काम के दौरान 50 मिनट तक इस रूट पर ट्रेनों का परिचालन ठप रहा।
ट्रेन के यूं दो हिस्सों में बंट जाने से उसमें बैठे यात्रियों में हड़कंप मच गया। इंजन से अलग होने के बाद अलग हुई बोगियां तेजी से पटरी पर दौड़ती रही। गनिमत यह रही कि इस दौरान कोई हादसा नहीं हुआ। कुछ दूर जाने के बाद बोगियों की गति धीमी हो गई। इस दौरान ट्रेन में बैठे यात्री नीचे उतर आए।
यात्रियों ने बताया कि दो बोगियों को जोड़ने वाले कपलिंग से नट खुल जाने से यह घटना हुई। पीछे की चार बोगियां धीमी हो गई और इंजन समेत कुछ बोगी आगे निकल गई। तुरंत गार्ड ने वॉकी टॉकी से लोको पायलट को इसकी सूचना दी तब इंजन को रोका जा सका। इसके बाद वापस इंजन को पीछे लाकर सभी बोगियों को जोड़ ट्रेन को रवाना किया गया।
जमालपुर रेल खंड के सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन के ओवर ब्रिज के पास यह घटना हुई। इस दौरान जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही सुल्तानगंज स्टेशन मास्टर दीपक कुमार मालदा इंटरसिटी रेल के इंजीनियरों के साथ मौके पर पहुंचे।
ट्रेन में आई खराबी को दूर कर उसे रवाना किया गया। रेल के इंजीनियर की मदद से ट्रेन के सभी बोगियों को जोड़ दिया गया और 50 मिनट बाद सुल्तानगंज-जमालपुर रेल खंड पर ट्रेनों का आना-जाना शुरू हो पाया। ट्रेन के यूं दो हिस्से में बंट जाने की हाल के दिनों में घटनाएं बढ़ी है। पिछले तीन माह में ऐसा पहले भी हुआ है। जब तेजी से दौड़ रही ट्रेन अचानक दो हिस्से में बंट गई। यह रेलवे के मैंटनेंस पर भी सवाल उठा रही है।






You must be logged in to post a comment.