Bihar में गज़ब होगा! कुत्तों के लिए बनेगा 1.10 करोड़ का हाईटेक अस्पताल, मिलेगी यह सुविधा, जानिए, देशज टाइम्स को मिली जानकारी के अनुसार बिहार के लखीसराय नगर परिषद क्षेत्र के निवासियों को जल्द ही आवारा कुत्तों के आतंक और उनके काटने के डर से बड़ी राहत मिलने वाली है। शहर में लगातार बढ़ रही आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए नगर परिषद ने एक महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। इस पहल के तहत क्षेत्र में 1 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से एक आधुनिक डॉग अस्पताल का निर्माण किया जाएगा।
नगर परिषद प्रशासन ने इस संबंध में टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि यह पूरा अभियान सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और एनिमल बर्थ कंट्रोल नियमावली का पालन करते हुए चलाया जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य कुत्तों के साथ किसी भी प्रकार की क्रूरता किए बिना वैज्ञानिक तरीके से उनकी आबादी पर नियंत्रण स्थापित करना है।
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आवारा कुत्तों के लिए विशेष वार्ड और टीकाकरण की व्यवस्था
इस हाईटेक अस्पताल का प्रमुख लक्ष्य आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी को रोकना है। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इन कुत्तों का बंध्याकरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, शहर की सड़कों पर अक्सर घूमने वाले पागल या बेहद हिंसक कुत्तों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एक विशेष आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था की जाएगी।
ऐसे कुत्तों को रेस्क्यू करके अस्पताल में रखा जाएगा और उनका इलाज किया जाएगा। सभी पकड़े गए कुत्तों को बंध्याकरण के साथ-साथ एंटी-रेबीज का टीका भी लगाया जाएगा। इससे पूरे शहर को रेबीज मुक्त और सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी। इस पहल से Stray Dog Control Bihar में भी एक नया मॉडल स्थापित हो सकता है।
रोजगार के नए अवसर और प्रशिक्षित मानव बल की तैनाती
इस बड़ी परियोजना को सफलतापूर्वक लागू करने और सुचारू रूप से चलाने के लिए नगर परिषद बड़े पैमाने पर मानव बल की बहाली करेगा। कर्मचारियों को कुत्तों को बिना चोट पहुंचाए सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। अस्पताल में कुत्तों की उचित देखभाल, साफ-सफाई और चिकित्सा के लिए पर्याप्त कर्मियों और डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी।
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शहरवासियों को मिलेगी बड़ी राहत, ऐतिहासिक फैसले का स्वागत
लंबे समय से लखीसराय के मुख्य बाजारों, मोहल्लों और गलियों में आवारा कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता था। इससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। राहगीरों को अक्सर कुत्तों के काटने से चोटें आती थीं, जिसकी शिकायतें लगातार नगर परिषद को मिल रही थीं।
सदर अस्पताल में कुत्ते के काटने के कई मरीज लगातार पहुंच रहे थे। स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने नगर परिषद के इस फैसले का खुले दिल से स्वागत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही अस्पताल के चालू होने पर शहरवासियों को इस गंभीर समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाएगा।
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी प्रभात रंजन ने बताया कि लगभग 1 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक डॉग अस्पताल के लिए लाली पहाड़ी के नजदीक आठ कट्ठा जमीन चिन्हित कर ली गई है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा और शहरवासियों को जल्द राहत दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
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इस आधुनिक अस्पताल के सुचारु संचालन के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों, प्रशिक्षित मानव बल और साफ-सफाई कर्मियों की बहाली की जाएगी। यह कदम शहर के पशु कल्याण और सार्वजनिक सुरक्षा दोनों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।







