

Bihar Bypass: विकास की रफ़्तार जब सड़कों पर उतरती है, तो जनजीवन को सहज बना देती है। कोसी की धरती पर एक नई राह, जाम से जूझते शहरों के लिए जीवनरेखा बनने को तैयार है।
Bihar Bypass: मधेपुरा-सिंहेश्वर धाम को मिलेगी जाम से मुक्ति, NH-106 पर 11 KM लंबा नया बाईपास बनेगा
Bihar Bypass: क्या है नई परियोजना का खाका?
बिहार के मधेपुरा जिले में सिंहेश्वर धाम और मधेपुरा शहर के निवासियों तथा यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को अब भीषण जाम से जल्द ही निजात मिलने वाली है। राष्ट्रीय राजमार्ग 106 पर एक अत्याधुनिक और सुगम 11.272 किलोमीटर लंबे नए बाईपास के निर्माण की योजना को केंद्र सरकार से हरी झंडी मिल गई है। यह परियोजना क्षेत्र के लिए एक बड़ा यातायात समाधान लेकर आएगी, जिससे लोगों को काफी सुविधा मिलेगी।
इस महत्वपूर्ण परियोजना का एलाइनमेंट (संरेखण) केंद्र द्वारा स्वीकृत कर लिया गया है, और अब भूमि अधिग्रहण, विस्तृत सर्वेक्षण तथा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। इस बाईपास के बनने से सिंहेश्वर धाम पहुंचने वाले भक्तों को विशेष लाभ मिलेगा, जो अक्सर शहर के भीड़भाड़ वाले रास्तों में फंस जाते थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह बाईपास न केवल यात्रा के समय को कम करेगा बल्कि ईंधन की खपत में भी कमी लाएगा।
श्रद्धालुओं और आम लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
वर्तमान में, मधेपुरा शहर और सिंहेश्वर धाम क्षेत्र में वाहनों का भारी दबाव रहता है, खासकर त्योहारों और मेलों के दौरान, जिससे स्थानीय निवासियों और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं दोनों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नए बाईपास के बन जाने से शहर के भीतर से गुजरने वाले भारी वाहनों का मार्ग परिवर्तित हो जाएगा, जिससे मुख्य सड़कों पर यातायात का दबाव काफी कम होगा। यह निश्चित रूप से आम जनजीवन को सुगम बनाएगा और एक स्थायी यातायात समाधान प्रदान करेगा।
इस परियोजना के तहत मिट्टी की जांच (सॉयल टेस्टिंग) और विस्तृत इंजीनियरिंग सर्वे का काम भी शुरू हो चुका है, ताकि निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण तरीके से अंजाम दिया जा सके। सड़क निर्माण से जुड़े इंजीनियरों और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी इस काम में पूरी मुस्तैदी से लगे हुए हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बाईपास का निर्माण तय समय सीमा में पूरा हो जाए।
यह बाईपास न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति देगा। सड़कों का बेहतर नेटवर्क हमेशा विकास का मार्ग प्रशस्त करता है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को भी जल्द से जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/
भूमि अधिग्रहण और डीपीआर पर तेज़ी से काम
परियोजना की सफलता के लिए भूमि अधिग्रहण का चरण अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रशासन प्रभावित भूस्वामियों के साथ समन्वय स्थापित कर उचित मुआवजा सुनिश्चित कर रहा है। डीपीआर में बाईपास के निर्माण संबंधी सभी तकनीकी पहलुओं, लागत अनुमानों और समय-सीमा का विस्तृत विवरण शामिल होगा। एक बार डीपीआर अंतिम रूप ले लेती है, तो निर्माण कार्य का टेंडर जारी किया जाएगा और जमीनी स्तर पर काम शुरू हो सकेगा। यह एक बड़ा कदम है जो कोसी क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।


