

Fish Farmer: बिहार की नीली क्रांति को अब पंख लगने वाले हैं, क्योंकि सरकार ने मछली पालकों की आय दोगुनी करने का जो वादा किया था, उसे हकीकत में बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। यह पहल सीधे तौर पर उन किसानों के जीवन में आर्थिक समृद्धि लाने का माध्यम बनेगी जो दिन-रात मेहनत कर तालाबों से सोना निकालने का काम करते हैं।
शनिवार का दिन बिहार के मत्स्य कृषकों के लिए एक नई सुबह लेकर आया जब डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव, शीर्षत कपिल अशोक ने समाहरणालय सभाकक्ष में सीधे मछली पालकों के साथ बैठकर उनके भविष्य की रणनीति पर चर्चा की। इस महत्वपूर्ण बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु ‘मत्स्य कृषक उत्पादक संगठन’ यानी FPO का गठन रहा। सचिव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि संगठित होकर काम करने से न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी, बल्कि वे सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ भी उठा सकेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एकता में ही शक्ति है और FPO इसी शक्ति को किसानों तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम है।
Fish Farmer को FPO से कैसे मिलेगा सीधा लाभ
बैठक के दौरान सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने विस्तार से समझाया कि FPO के माध्यम से किसान कैसे अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब किसान संगठित होकर एक समूह में काम करते हैं, तो उन्हें मछली के बीज, चारा और अन्य उपकरण थोक भाव में मिलते हैं, जिससे लागत में कमी आती है। इसके अलावा, संगठित रूप से अपनी उपज को बाजार में बेचने पर उन्हें बेहतर मूल्य मिलता है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाती है। इस पूरी प्रक्रिया से मत्स्य पालन का व्यवसाय अधिक लाभकारी बनेगा। उन्होंने किसानों को FPO के गठन के लिए हरसंभव सरकारी मदद का आश्वासन भी दिया।
इस परिचर्चा का उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना नहीं, बल्कि किसानों को प्रेरित करना भी था ताकि वे संगठित होकर अपनी ताकत को पहचानें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पहल बिहार के मत्स्य कृषकों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और वे आत्मनिर्भर बनेंगे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
अधिकारियों को दिए गए स्पष्ट निर्देश
सचिव ने इस दौरान मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों को भी स्पष्ट निर्देश दिए कि वे FPO के गठन की प्रक्रिया में किसानों का पूरा सहयोग करें। उन्होंने कहा कि किसी भी किसान को संगठन बनाने में कागजी कार्रवाई या अन्य किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से नियमित रूप से किसानों के साथ बैठकें करने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा। यह कदम दर्शाता है कि सरकार इस योजना को लेकर कितनी गंभीर है और जमीनी स्तर पर इसका सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करना चाहती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस बैठक के बाद मत्स्य पालकों में एक नया उत्साह देखने को मिला और उन्हें उम्मीद है कि आने वाला समय उनके लिए बेहतर अवसर लेकर आएगा।

