
मुख्य बातें
मामला सकरी थाना क्षेत्र के सागरपुर स्थित श्मशान घाट की भूमि के खरीद-फरोख्त का,
फोटो:मधुबनी-सकरी मुख्य मार्ग को जाम करते लोग
मधुबनी देशज टाइम्स ब्यूरो प्रमुख। सकरी मुख्य सड़क के किनारे सागरपुर स्थित शमशान घाट की भूमि को लेकर दो पक्षों में गुरुवार को झड़प हो गई। जिसके बाद आक्रोशित 200-250 लोगों ने नारेबाजी करते हुए मधुबनी – सकरी मुख्य मार्ग को लगभग एक घंटे तक जाम कर दिया।
मारपीट व जाम की सूचना मिलते ही सकरी थाना के एसआई विमल कुमार सिंह व सपन कुमार सशस्त्र पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। कुछ ही देर में सीओ नंदन कुमार भी जाम स्थल पर पहुंचे। पदाधिकारियों ने जाम कर रहे आक्रोशित लोगों को उक्त मामले में आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन देते हुए समझा-बुझाकर काफी मशक्कत के बाद जाम हटवाया।
जानकारी के अनुसार, सकरी मुख्य मार्ग किनारे सागरपुर मौजा स्थित पुराना खाता 59 तथा खेसरा 1048 लगभग 1 कट्ठा 17 धूर जमीन है। उक्त भूमि पर सागरपुर महादलित व अति पिछड़ा बस्ती के लोगों का पीढ़ी दर पीढ़ी वर्षों से अंतिम संस्कार होता रहा आ रहा है।
उक्त शमशान घाट की भूमि का गांव के ही अरुण कुमार साह, धर्मनाथ झा व विजयकांत ठाकुर के द्वारा खरीद बिक्री करने का मामला सामने आया। जिसके बाद सैकड़ों लोगों ने शमशान घाट की उस भूमि की बांस – बल्ले से घेराबंदी करा दी। तथा वहां शमशान घाट की भूमि होने का दो तीन बैनर भी लगवा दिया था। शमशान घाट की भूमि में एक बहुत पुराना कुआं भी है।
लोगों ने शमशान घाट की भूमि को अतिक्रमण से बचाने के लिए सीओ कार्यालय, सकरी थाना व जिला पदाधिकारी कार्यालय में लिखित आवेदन भी दिया था।बीते शनिवार को उक्त विवाद संबंधी मामले का निपटारे के लिए दोनों पक्ष के लोगों को थाना दिवस पर सकरी थाना बुलाया गया था। सैकड़ों की संख्या में सकरी थाना में लोग उपस्थित भी हुए। जहां विक्रेता धर्मनाथ झा व खरीददार अरुण कुमार साह ने खेसरा संख्या 2245 पर अपना दावा जताया था।
वहीं, तीसरे प्रतिवादी विजयकांत ठाकुर ने खेसरा संख्या 2248 से संबंधित आवश्यक कागजात अगले थाना दिवस पर लाने की बात कही थी। सभी पक्षों को आवश्यक कागजातों के संग अगले थाना दिवस पर आने का निर्देश देते हुए सीओ ने सभी पक्षों को दोपहर एक बजे तक वापस कर दिया था।
इस बीच थाना पर से वापस आने के बाद अरुण कुमार साह ने अपने अन्य सहयोगियों की मदद से शमशान घाट के बैनरों को फाड़ते हुए बांस – बल्ले की घेराबंदी को तोड़कर हटाने लगे। इस बात की जानकारी गांव में पहुंचते ही सैकड़ों की तादाद में महिला पुरुष वहां पहुंच गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों में गाली-गलौज व हाथापाई होने लगी। मामला बिगड़ता देख प्रतिवादी अरुण कुमार साह सहयोगियों के साथ वहां से भाग निकले। आक्रोशित लोगों ने मधुबनी – सकरी मार्ग को जाम कर प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करने लगे।



